बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर जिले के रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में रतनपुर के विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि धार्मिक नगरी रतनपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है. इसके अलावा, रतनपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना और कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है.
मुख्यमंत्री साय ने भगवान सहस्रबाहु और बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर सम्मेलन का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि मां महामाया की कृपा से छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार तेज हुई है. उन्होंने बताया कि केंद्र की मोदी सरकार के सहयोग से राज्य में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेज प्रगति हो रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को सशक्त और आत्मनिर्भर भारत बनाने का जो संकल्प लिया है, उसी दिशा में छत्तीसगढ़ भी आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए दिए जा रहे हैं.
साय ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है. बस्तर क्षेत्र के कई गांवों में विकास कार्यों को तेजी से प्रारंभ किया गया है और नक्सल प्रभावित इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि नई उद्योग नीति को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है, जिसके तहत 7.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इन परियोजनाओं से युवाओं को रोजगार मिलेगा.
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रतनपुर कल्चुरी शासन का प्रमुख केंद्र रहा है. उन्होंने बताया कि डबल इंजन की सरकार में विकास की गति दोगुनी हुई है. संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समरसता की प्रतीक है. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मां महामाया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि की कामना की.