बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई. यह घटना जिले के दक्षिणी हिस्से के जंगलों में हुई, जहां सुरक्षाबल नक्सल विरोधी अभियान पर निकले थे.
अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे ‘डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड’ (DRG) की टीम को इलाके में हथियारबंद माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसी सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया.
सर्चिंग के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने भी तुरंत जवाबी कार्रवाई की. दोनों तरफ से चली गोलीबारी में दो नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. मारे गए नक्सलियों में एक ACM रैंक का नक्सली बताया जा रहा है. मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने एक AK-47 राइफल, एक 9 एमएम पिस्टल, 303 राइफल, अन्य हथियार और अन्य सामान बरामद किया है.
मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने एक बड़ी नक्सली साजिश को भी नाकाम कर दिया. DRG बीजापुर, पुलिस थाना इल्मिडी और छत्तीसगढ़ आर्म्ड कांस्टेबुलरी की 9वीं बटालियन की संयुक्त टीम लंकापल्ली इलाके में सर्चिंग कर रही थी. इसी दौरान सड़क के बीच करीब 20 से 30 किलो वजनी दो IED बम बरामद किए गए. समय रहते इन्हें निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
रिपोर्ट के अनुसार, मुठभेड़ के बाद भी इलाके में रुक-रुककर फायरिंग की आवाजें सुनाई दे रही हैं. सुरक्षाबल पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, ताकि अन्य नक्सलियों को पकड़ा जा सके या उन्हें खदेड़ा जा सके.
इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में कम से कम 22 माओवादी मारे जा चुके हैं. पिछले साल राज्य में कुल 285 नक्सली मारे गए थे. केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च तक की समय-सीमा तय की है. बीजापुर की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है. माओवादियों के भागने का कोई रास्ता न बचे, इसके लिए अतिरिक्त जवानों को भी मौके पर भेजा गया है. घना जंगल और पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से अभियान को बेहद सावधानी और सही रणनीति के साथ चलाया जा रहा है.