menu-icon
India Daily

पटना के पार्कों में खुलेंगी 200 नई दुकानें, रोजगार और कारोबार को मिलेगा बड़ा सहारा

पटना के पार्कों में जल्द 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें स्थापित की जाएंगी. जीविका और पटना स्मार्ट सिटी के सहयोग से शुरू होने वाली इस पहल का उद्देश्य रोजगार बढ़ाना, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देना और नागरिक सुविधाएं बेहतर बनाना है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
पटना के पार्कों में खुलेंगी 200 नई दुकानें, रोजगार और कारोबार को मिलेगा बड़ा सहारा
Courtesy: AI

पटना शहर में सार्वजनिक स्थानों को ज्यादा उपयोगी और रोजगार से जोड़ने की दिशा में नई पहल शुरू होने जा रही है. राजधानी के विभिन्न पार्कों में जल्द ही 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें स्थापित की जाएंगी. इन दुकानों का संचालन जीविका और पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा. इस योजना के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे कारोबारियों को व्यवसाय का अवसर मिलेगा. साथ ही शहर के पार्कों में आने वाले लोगों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

पार्कों में शुरू होंगी नई व्यावसायिक गतिविधियां

नई योजना के तहत पार्कों में स्थापित होने वाली प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों में सुधा बूथ सहित विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी. इससे स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और स्वयं सहायता समूहों को अपनी आजीविका मजबूत करने का अवसर मिलेगा. योजना का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों का बेहतर उपयोग करना भी है.

जेपी गंगा पथ की योजना में हुआ बदलाव

पहले जेपी गंगा पथ पर लगभग 15.45 करोड़ रुपये की लागत से 500 दुकानों वाला वेंडिंग जोन विकसित करने की योजना बनाई गई थी. इसके लिए 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें भी तैयार कर ली गई थीं. बाद में गंगा नदी का दृश्य प्रभावित होने की आशंका के चलते योजना में बदलाव किया गया और इन दुकानों को वहां से हटा दिया गया.

दीघा वेंडिंग जोन का नया स्वरूप

दीघा गोलंबर के पास विकसित हो रहे वेंडिंग जोन की रूपरेखा भी बदली गई है. पहले यहां 250 दुकानें बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन अब केवल 50 बड़े और आधुनिक माड्यूलर आउटलेट तैयार किए जा रहे हैं. इस परियोजना पर 7.17 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसका उद्देश्य बेहतर व्यावसायिक वातावरण तैयार करना है.

स्थानीय कारोबारियों को मिलेगा लाभ

नई दुकानों में बड़े ब्रांडों के साथ स्थानीय वेंडरों को भी व्यवसाय का अवसर मिलेगा. जेपी सेतु के नीचे गंगा किनारे कारोबार करने वाले वेंडरों का पुनर्वास भी इसी योजना के तहत किया जाएगा. इससे छोटे व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान मिलेगा और उनके कारोबार को स्थिरता मिलने की उम्मीद है.

पर्यटन और सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस

नगर निगम दीघा वेंडिंग जोन को केवल बाजार के रूप में विकसित नहीं करना चाहता. दूसरे चरण में यहां फुट ओवरब्रिज, पार्किंग, आधुनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल, पार्क और मनोरंजन क्षेत्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. भूमि समतलीकरण, पेवर ब्लॉक और ड्रेनेज का कार्य पूरा हो चुका है. इससे यह क्षेत्र पर्यटन और नाइट लाइफ के नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा.