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India Daily

'मैंने जानबूझकर चुनी ये सीट', बांकीपुर से चुनाव लड़ने पर बोले प्रशांत किशोर; सम्राट सरकार को लेकर दिया बड़ा बयान

जन सुराज नेता प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने भाजपा के गढ़ बांकीपुर से चुनाव लड़ने का फैसला सोच-समझकर किया है. इसे उन्होंने सम्राट चौधरी सरकार की पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा बताया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'मैंने जानबूझकर चुनी ये सीट', बांकीपुर से चुनाव लड़ने पर बोले प्रशांत किशोर; सम्राट सरकार को लेकर दिया बड़ा बयान
Courtesy: @MrDemocratic_

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने के अपने फैसले को पूरी तरह रणनीतिक बताया है. एक मीडिया चैनल से बातचीत में विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की नई सरकार की पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा है. उन्होंने कहा कि उन्होंने जानबूझकर भाजपा के मजबूत गढ़ बांकीपुर को चुना है, ताकि जनता के सामने एक स्पष्ट राजनीतिक विकल्प रखा जा सके.

'जनता को मुख्यमंत्री चुनने का मौका नहीं मिला'

प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोगों को मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे चुनने का अवसर नहीं मिला. उनके मुताबिक, यदि बांकीपुर में जन सुराज को जीत मिलती है तो इसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और इस सीट के पूर्व विधायक नितिन नवीन के प्रति जनता की राय के रूप में देखा जाएगा. उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव लोगों के लिए अपना जनमत व्यक्त करने का पहला बड़ा अवसर है.

 'उम्मीदवार की क्षमता भी मायने रखती है'

पीके ने कहा कि चुनाव सिर्फ किसी राजनीतिक दल के नाम पर नहीं जीते जाते, बल्कि उम्मीदवार की विश्वसनीयता, योग्यता और काम करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है. उनका दावा है कि बांकीपुर की जनता एक ऐसे प्रतिनिधि को चुनना चाहेगी, जो उनकी समस्याओं को समझे, विकास के मुद्दों को प्राथमिकता दे और विधानसभा में प्रभावी ढंग से उनकी आवाज उठाए.

 भाजपा के लिए प्रतिष्ठा, विपक्ष के लिए अवसर

बांकीपुर विधानसभा सीट नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई है. यह सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है और पटना की सबसे महत्वपूर्ण शहरी सीटों में गिनी जाती है. यहां व्यापारी, नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय मतदाताओं की बड़ी संख्या है. ऐसे में यह उपचुनाव भाजपा के लिए अपनी साख बचाने की चुनौती बन गया है, जबकि जन सुराज इसे अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने का बड़ा अवसर मान रही है. यही कारण है कि पूरे बिहार की नजर अब बांकीपुर के इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर टिकी हुई है.