menu-icon
India Daily

Bihar SIR: बिहार में वोटर लिस्ट से कटे लाखों नाम, पटना में सबसे ज्यादा, चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की जारी

पटना में सर्वाधिक 3.95 लाख नाम काटे गए हैं. सुपौल जिले में भी 1.28 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं. सुपौल जिले में एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से 1,28,207 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं.

Gyanendra Sharma
Bihar SIR: बिहार में वोटर लिस्ट से कटे लाखों नाम, पटना में सबसे ज्यादा, चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की जारी
Courtesy: Social Media

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची का ड्राफ्ट शुक्रवार को जारी कर दिया. इस प्रक्रिया के दौरान 7 करोड़ 24 लाख से अधिक मतदाताओं ने गणना फॉर्म जमा किए और ड्राफ्ट मतदाता सूची में इन सभी के नाम शामिल किए गए हैं. अब मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है. इसके बाद 1 सितंबर 2025 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इस बीच, ड्राफ्ट सूची के सामने आने के बाद विभिन्न जिलों से मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आंकड़े भी सामने आए हैं.

पटना में सर्वाधिक 3.95 लाख नाम काटे गए हैं. सुपौल जिले में भी 1.28 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं. सुपौल जिले में एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से 1,28,207 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. सुपौल के जिला निर्वाचन पदाधिकारी और जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि पहले जिले की पांच विधानसभा सीटों पर कुल 16,40,664 मतदाता थे जो अब घटकर 15,12,457 रह गए हैं.

एसआईआर के बाद भागलपुर जिले की वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में 2 लाख 44 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम कट गए हैं. भागलपुर जिले में कुल मिलाकर 24 लाख 414 वोटर थे.

बिहार में मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया

चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को बिहार में एसआईआर शुरू करने की घोषणा की थी. इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची से मृत, प्रवासी और दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं के नाम हटाना और सभी पात्र मतदाताओं को शामिल करना था. आयोग के अनुसार बिहार में कुल 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 7.24 करोड़ ने गणना फॉर्म जमा किए. हालांकि, इस प्रक्रिया में 52 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिनमें 18 लाख मृत, 26 लाख बिहार से बाहर चले गए और 7 लाख दोहरे पंजीकरण वाले मतदाता शामिल हैं.