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CWG 2026: कौन हैं सर्वेश कुशारे? खेत से निकलकर कॉमनवेल्थ में रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला हाई जंप सिल्वर

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय हाई जंपर सर्वेश कुशारे ने 2.25 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता. वह इस प्रतियोगिता में हाई जंप स्पर्धा में भारत के लिए मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
CWG 2026: कौन हैं सर्वेश कुशारे? खेत से निकलकर कॉमनवेल्थ में रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला हाई जंप सिल्वर
Courtesy: X (@Anmolbraveheart)

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स को एक नई पहचान मिली है. महाराष्ट्र के सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में इतिहास रच दिया. उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2.25 मीटर की छलांग लगाई और ऐतिहासिक सिल्वर मेडल अपने नाम किया. हालांकि वह गोल्ड मेडल जीतने से चूक गए. लेकिन वह इस प्रतियोगिता में भारत के लिए पदक जीतने वाले पहले हाई जंपर बन गए हैं. गांव की साधारण फैमिलि बैग्राउंड से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले सर्वेश की सफलता मेहनत, संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल बन गई है. तो ऐसे में जानते हैं कि भारत के सिल्वर मेडल दिलाने वाले सर्वेश कुशारे कौन हैं?

कौन हैं सर्वेश कुशारे

बता दें भारत के सिल्वर मेडलिस्ट सर्वेश कुशारे महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवगांव में एक साधारण परिवार में जन्में. उनका जन्म 17 जून 1995 को हुआ था. सर्वेश का रुझान बचपन से ही खेल की ओर था. उनके पिता किसान हैं और प्याज की खेती करते हैं. सीमित संसाधनों के बीच सर्वेश ने बचपन से ही हाई जंप को अपना लक्ष्य बनाया. आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया.

देसी जुगाड़ से शुरू की प्रैक्टिस की कहानी

हाई जंप के अभ्यास के लिए जरूरी मैट उपलब्ध नहीं था. ऐसे में उनके पिता ने खेतों से निकले मक्के के छिलकों और कपास की मदद से एक गद्दा तैयार किया. उसी पर गिरकर सर्वेश ने लंबे समय तक प्रैक्टिस किया. कठिन परिस्थितियों में की गई ये मेहनत आज उनकी सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है.

सेना में मिली नई उड़ान

साल 2016 में खेल कोटे से भारतीय सेना में नायब सूबेदार के रूप में नियुक्ति मिलने के बाद सर्वेश के करियर ने नई दिशा पकड़ी. सेना में उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और अनुभवी प्रशिक्षकों का साथ मिला. इसी माहौल ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास दिया.

रिकॉर्ड के साथ बढ़ता गया कद

सर्वेश ने 2.31 मीटर की छलांग लगाकर भारत का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया. वह 2.30 मीटर की ऊंचाई पार करने वाले पहले भारतीय हाई जंपर भी बने. मोनाको डायमंड लीग 2026 में 2.26 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया. इसके अलावा एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में भी उन्होंने रजत पदक जीता था.

कॉमनवेल्थ में ऐतिहासिक उपलब्धि

ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सर्वेश ने 2.25 मीटर की शानदार छलांग लगाई. वह स्वर्ण पदक से बेहद मामूली अंतर से चूके, लेकिन सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए खास मानी जा रही है. उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बन गई है.