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India Daily

ईशा सिंह ने मनु भाकर को हराकर जीता ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड, भारत को मिला डबल मेडल

हांगझोऊ में ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में ईशा सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर को हराकर इतिहास रचा. 

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
ईशा सिंह ने मनु भाकर को हराकर जीता ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड, भारत को मिला डबल मेडल
Courtesy: X

भारत की युवा शूटर ईशा सिंह ने ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीत लिया. फाइनल में उन्होंने मनु भाकर को पीछे छोड़कर खिताब अपने नाम किया. वहीं मनु ने ब्रॉन्ज जीतकर भारत की सफलता को और खास बना दिया.

ईशा ने फाइनल में दिखाई शानदार पकड़

हांगझोऊ में खेले गए ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप में भारत की 21 वर्षीय ईशा सिंह ने पूरे मुकाबले में शानदार संयम दिखाया. महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में उन्होंने 40 हिट्स के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया. यह जीत उनके शानदार सीजन की एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. ईशा ने कुछ ही सप्ताह पहले म्यूनिख वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड बनाकर सबका ध्यान खींचा था और अब उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है. वहीं मनु भाकर ने कठिन मुकाबले में वापसी करते हुए 28 हिट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता और भारत को इस स्पर्धा में दो पदक दिलाए.

क्वालिफिकेशन से ही भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा

भारत की शुरुआत क्वालिफिकेशन राउंड से ही मजबूत रही. मनु भाकर ने 586-20x का स्कोर बनाकर पहला स्थान हासिल किया. वहीं ईशा सिंह 585-18x के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने आसानी से फाइनल में जगह बनाई. राही सरनोबत ने भी 582-16x का अच्छा प्रदर्शन किया, हालांकि वह मेडल राउंड तक नहीं पहुंच सकीं. फाइनल में ईशा ने लगातार सटीक निशाने लगाए और पूरे मुकाबले में बढ़त बनाए रखी. दूसरी ओर मनु को कई बार दबाव का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और आखिर तक लड़ते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहीं.

दोनों खिलाड़ियों ने आगे की तैयारियों पर जताया भरोसा

जीत के बाद ईशा सिंह ने कहा कि पिछले शानदार प्रदर्शन के कारण इस बार उन पर काफी उम्मीदें थीं लेकिन उन्होंने दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया. उन्होंने यह भी कहा कि हांगझोऊ की रेंज से पहले से परिचित होने का उन्हें फायदा मिला. वहीं मनु भाकर ने माना कि भले ही गोल्ड नहीं मिला लेकिन यह मुकाबला उनके लिए सीखने वाला रहा. उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े फाइनल भविष्य की वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं की तैयारी में काफी मदद करते हैं.