भारत की अनुभवी वेटलिफ्टर बिंद्यारानी देवी ने Commonwealth games 2026 में एक और बड़ी सफलता हासिल की है. महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया. इस जीत के साथ भारत की वेटलिफ्टिंग टीम का शानदार अभियान लगातार जारी है और पदकों की संख्या भी बढ़ गई है.
ग्लासगो में चल रहे Commonwealth games 2026 में बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग में बेहतरीन खेल दिखाया. उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया और तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक जीत लिया. मुकाबले के आखिरी दौर में उन्होंने 116 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो सकीं. इसके बावजूद उनका कुल स्कोर उन्हें पोडियम तक पहुंचाने के लिए काफी रहा. इस वर्ग में नाइजीरिया की राफियातु फोलाशाडे ने 229 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता और प्रतियोगिता में अपना दबदबा दिखाया.
मणिपुर की रहने वाली बिंद्यारानी देवी ने अपने करियर की शुरुआत से ही मीराबाई चानू को अपना आदर्श माना है. उनकी मां ने उन्हें अनुशासन में रहने की सीख दी. वहीं मीराबाई ने फिटनेस और सही खान-पान पर ध्यान देने की सलाह दी. शुरुआत में बिंद्यारानी को फास्ट फूड पसंद था लेकिन उन्होंने अपने खेल को प्राथमिकता देते हुए अपनी आदतें बदल दीं. यही मेहनत उन्हें लगातार आगे ले गई. उन्होंने जूनियर स्तर से लेकर सीनियर प्रतियोगिताओं तक कई बड़े पदक जीते हैं. 2019 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड, 2021 में सिल्वर, 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर और 2023 एशियन चैंपियनशिप में भी रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की.
Commonwealth games 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर्स लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे पहले ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था. वहीं मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा. ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपंडी भी भारत के लिए रजत पदक जीत चुके हैं. अब बिंद्यारानी देवी के कांस्य पदक के साथ भारत ने वेटलिफ्टिंग में लगातार पांच पदक जीतने का शानदार रिकॉर्ड बना लिया है.