Commonwealth games 2026 में भारत के लिए एथलेटिक्स से अच्छी खबर आई है. स्टार लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर ने शानदार शुरुआत करते हुए पहली ही कोशिश में फाइनल का टिकट हासिल कर लिया. उनके साथ भारत के लोकेश सत्यनाथन ने भी अंतिम दौर में जगह बनाकर देश की मेडल उम्मीदों को और मजबूत किया.
ग्लासगो में क्वालिफाइंग राउंड के दौरान मुरली श्रीशंकर ने अपनी पहली ही छलांग में 8.01 मीटर का शानदार प्रदर्शन किया. फाइनल में सीधे पहुंचने के लिए 8.00 मीटर का क्वालिफिकेशन मार्क तय था, जिसे उन्होंने आसानी से पार कर लिया. इसके बाद उन्होंने बाकी कोशिशें नहीं कीं और अपनी ताकत फाइनल के लिए बचाकर रखी. उसी दिन 100 मीटर स्प्रिंट में भारत को निराशा मिली थी लेकिन श्रीशंकर ने अपनी छलांग से भारतीय एथलेटिक्स को नई उम्मीद दी. उनके साथी लोकेश सत्यनाथन ने भी 7.77 मीटर की छलांग लगाकर फाइनल में जगह बना ली. अब दोनों भारतीय खिलाड़ी मेडल के लिए चुनौती पेश करेंगे.
अब सभी की नजरें 29 जुलाई को होने वाले लॉन्ग जम्प फाइनल पर हैं. श्रीशंकर के सामने सबसे बड़ी चुनौती जमैका के ताजे गेल होंगे, जिन्होंने क्वालिफाइंग में 8.10 मीटर की छलांग लगाई. उनके इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.37 मीटर रहा है. वहीं सेंट विंसेंट एंड ग्रेनाडाइन्स के उरॉय रयान ने 8.04 मीटर की छलांग लगाकर अपनी ताकत दिखाई. दूसरी ओर लोकेश सत्यनाथन का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.21 मीटर है और उनसे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. भारत चाहेगा कि दोनों खिलाड़ी फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ दें और देश के लिए मेडल जीतकर लौटें.
मुरली श्रीशंकर का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने मुश्किल दौर के बाद दमदार वापसी की है. 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2023 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद वह पेरिस ओलंपिक की तैयारी कर रहे थे. घुटने की गंभीर चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर रहना पड़ा और ओलंपिक का सपना अधूरा रह गया. कई महीनों की सर्जरी और रिहैब के बाद उन्होंने खुद को फिर तैयार किया. अब ग्लासगो में पहली ही छलांग में फाइनल में पहुंचकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह पूरी तरह फिट हैं. इस सीजन में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर है और इसी वजह से उन्हें गोल्ड मेडल का मजबूत दावेदार माना जा रहा है.