अगले महीने भारतीय टीम को 2 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका का दौरा करना है, जिसके लिए बोर्ड ने टीम का चयन कर लिया है. मंगलवार की सुबह अजीत अगरकर की अगुवाई में BCCI ने 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है. जिसमें एक नए चेहरे की एंट्री ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. मध्य प्रदेश के अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है.
वॉशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद चयनकर्ताओं ने सारांश पर भरोसा जताया. घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन और हाल ही में भारत ए के लिए शानदार खेल ने उनके लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खोल दिए हैं. अब उनकी नजर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को साबित करने पर होगी. तो आईए जानते हैं कौन हैं सारांश जैन-
स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन ने साल 2014 में मध्य प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया था. तब से लेकर अब तक उन्होंने लगातार अपनी टीम के लिए अहम योगदान दिया. कई सालों तक शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिली. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और करीब 11 साल के लंबे इंतजार के बाद उनकी उन्हें टीम इंडिया से बुलावा आया.
अगर सारांश के आंकड़ों की बात की जाए तो उनके फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड उनकी उपयोगिता को साबित करते हैं. उन्होंने 54 मुकाबलों में 188 विकेट हासिल किए हैं. इसके अलावा उनके नाम 10 बार एक पारी में पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड भी दर्ज है. यही नहीं बल्कि उन्होंने बल्ले से भी योगदान दिया है. उन्होंने बल्लेबाजी में 2,223 रन बनाए हैं, इस दौरान उनके नाम दो शतक और 14 अर्धशतक शामिल है.
हाल ही में श्रीलंका ए के खिलाफ भारत ए की ओर से खेलते हुए सारांश ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया. दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में उन्होंने छह विकेट लेने के साथ नाबाद 70 रनों की शानदार और जुझारू पारी खेली. स्पिन के अनुकूल परिस्थितियों में उनके हरफनमौला प्रदर्शन ने उन्हें सीनियर टीम के लिए मजबूत दावेदार बना दिया.
बता दें वॉशिंगटन सुंदर का चोटिल होना सारांश के लिए वरदान सा साबित हुआ. सुंदर की गैरमौजूदगी में बोर्ड ने उन्हें टीम में शामिल किया. वह गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने की क्षमता रखते हैं, जिससे टीम का संतुलन मजबूत होता है. अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट कैप पहनने का अवसर मिलता है. अगर ऐसा होता है तो यह उनके लंबे संघर्ष और धैर्य का सबसे बड़ा इनाम होगा.
बल्लेबाजी
| फॉर्मेट | मैच | रन | औसत | शतक | अर्धशतक |
| फर्स्ट क्लास | 54 | 2223 | 31.75 | 2 | 14 |
| लिस्ट-ए | 47 | 553 | 17.83 | 0 | 1 |
| T20 | 20 | 37 | 6.16 | 0 | 0 |
गेंदबाजी
| फॉर्मेट | मैच | विकेट | 5 विकेट |
| फर्स्ट क्लास | 54 | 188 | 10 |
| लिस्ट-ए | 47 | 38 | 0 |
| T20 | 20 | 18 | 0 |