नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर बांग्लादेश की भागीदारी पर असमंजस बना हुआ है. बांग्लादेश सरकार गुरुवार को कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर फैसला करेगी. इससे पहले खेल सलाहकार राष्ट्रीय क्रिकेटरों से मुलाकात कर उनकी राय लेंगे. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद पहले ही बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच कराने की मांग खारिज कर चुकी है. अब सबकी नजर सरकार और खिलाड़ियों के रुख पर टिकी है.
बांग्लादेश सरकार गुरुवार, 22 जनवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में टी20 वर्ल्ड कप में देश की भागीदारी पर निर्णय लेगी. आईसीसी द्वारा 24 घंटे की समयसीमा दिए जाने के बाद यह बैठक अहम मानी जा रही है. सरकार यह देखना चाहती है कि मौजूदा हालात में टीम का भारत में खेलना व्यावहारिक और सुरक्षित है या नहीं.
खेल सलाहकार आसिफ नजरुल दोपहर 3 बजे राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों से मुलाकात करेंगे. इस बैठक में खिलाड़ियों की सुरक्षा, मानसिक स्थिति और टूर्नामेंट में खेलने की इच्छा पर चर्चा होगी. सरकार चाहती है कि अंतिम फैसला लेने से पहले खिलाड़ियों की भावनाओं और चिंताओं को भी ध्यान में रखा जाए.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने बुधवार को स्पष्ट किया कि बांग्लादेश के मैच भारत से बाहर शिफ्ट नहीं किए जाएंगे. आईसीसी के अनुसार, सभी सुरक्षा आकलनों और स्वतंत्र रिपोर्टों में खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों के लिए किसी तरह का खतरा नहीं पाया गया है. इसलिए टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा.
टी20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में शुरू होगा. बांग्लादेश को अपने चार लीग मैचों में से तीन कोलकाता और एक मुंबई में खेलना है. आईपीएल से मुस्तफिजुर रहमान के हटने के बाद बीसीबी ने जनवरी की शुरुआत में मैच श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग रखी थी.
सूत्रों के अनुसार, अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटने का फैसला करता है तो आईसीसी उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर सकता है. यही वजह है कि बोर्ड और सरकार दोनों स्तर पर मंथन तेज है. आने वाले कुछ घंटों में बांग्लादेश क्रिकेट के भविष्य से जुड़ा बड़ा फैसला सामने आ सकता है.