नई दिल्ली: गुजरात के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ऐतिहासिक जीत के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ी घर लौट रहे हैं. इसी कड़ी में स्टार क्रिकेटर ईशान किशन मंगलवार को पटना पहुंचे. एयरपोर्ट पर प्रशंसकों ने उनका जोरदार स्वागत किया. ईशान ने इस जीत को पूरे देश की सफलता बताया. हालांकि इस खुशी के बीच वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर कीर्ति आजाद द्वारा शुरू किए गए विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है.
ईशान किशन के पटना एयरपोर्ट पहुंचते ही वहां का माहौल उत्सव जैसा हो गया. प्रशंसकों ने अपने चहेते खिलाड़ी को फूल-मालाओं से लाद दिया. ईशान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि टीम इंडिया की यह जीत 140 करोड़ भारतीयों की है. उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी इसी तरह शानदार खेल दिखाना जारी रखेंगे. प्रशंसकों का प्यार देखकर वे काफी भावुक नजर आए और सभी का आभार व्यक्त किया.
हाल ही में ट्रॉफी के साथ सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर के मंदिर जाने पर कीर्ति आजाद ने आपत्ति जताई थी. जब ईशान से इस पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसे तुरंत टाल दिया. ईशान ने कहा कि वर्ल्ड कप जैसी बड़ी उपलब्धि के बाद ऐसे नकारात्मक सवाल नहीं पूछे जाने चाहिए. उन्होंने साफ किया कि कीर्ति आजाद के व्यक्तिगत बयानों पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. उनके लिए केवल खेल और जीत का आनंद ही सर्वोपरि है.
What should I comment on Kirti Azad's statement? - Ishan Kishan
— Mr Sinha (@Mrsinha) March 10, 2026
In short he said, why should we care about that cheap attention seeking moron....
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बिहार और झारखंड के युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए ईशान ने कहा कि उनकी सफलता बच्चों को मोटिवेट करेगी. उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है. खिलाड़ी चाहे किसी भी छोटे जिले से क्यों न हो, अपनी प्रतिभा के दम पर वह ऊंचाइयों को छू सकता है. ईशान ने वादा किया कि वे हमेशा जिला स्तर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें सही मार्गदर्शन देने के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते रहेंगे.
दरअसल 1983 की विजेता टीम के सदस्य रहे कीर्ति आजाद ने ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर तीखे सवाल उठाए थे. उन्होंने पूछा था कि ट्रॉफी को मस्जिद या चर्च क्यों नहीं ले जाया गया. आजाद के इस बयान ने देश भर में एक नई बहस छेड़ दी है. उन्होंने तर्क दिया कि यह ट्रॉफी सभी भारतीयों की है और इसे किसी एक धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए. उनके इस रुख ने सियासी गलियारों में काफी नाराजगी पैदा की है.
कीर्ति आजाद की टिप्पणी ने पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बड़ा सियासी मुद्दा बना दिया है. भाजपा ने उन पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस उनके समर्थन में खड़ी नजर आ रही है. टीएमसी का आरोप है कि खेल का भगवाकरण हो रहा है. लेकिन खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों का मानना है कि मैदान पर मिलने वाली सफलता को इन राजनीतिक विवादों से दूर रखना ही देशहित में है ताकि खेल की गरिमा और एकता बनी रहे.