menu-icon
India Daily

इस चाय को क्या नाम दें? चुस्की लेने के लिए टी लवर्स देते हैं 9 करोड़, स्वाद में गजब और इतिहास चमत्कारी

चीन में एक ऐसी चाय मिलती है जो हीरे से भी ज्यादा महंगी है. लोग इस चाय का दाम सुनकर ही दंग हैं. चीन की वुईयी पहाड़ियों से इसे लाया जाता है.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
इस चाय को क्या नाम दें? चुस्की लेने के लिए टी लवर्स देते हैं  9 करोड़, स्वाद में गजब और इतिहास चमत्कारी
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: दुनिया में चाय पीने वालों की कमी नहीं है, लेकिन कल्पना कीजिए कि एक ऐसी चाय भी है जिसकी एक किलो की कीमत 9 करोड़ रुपये है. चीन की वुईयी पहाड़ियों में उगने वाली 'दा-होंग पाओ' आज दुनिया की सबसे महंगी और दुर्लभ चाय मानी जाती है. इसकी एक-एक चुस्की लाखों रुपये की हो सकती है. 2002 में सिर्फ 20 ग्राम की नीलामी 26 लाख रुपये में हुई थी.

इतिहास

आज इसकी असली चाय मिलना लगभग नामुमकिन है. यह चाय सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि अपने चमत्कारी इतिहास और दुर्लभता के लिए जानी जाती है. मिंग राजवंश के समय एक रानी की बीमारी इसी चाय से ठीक हुई थी. राजा ने सम्मान में इन पौधों को लाल कपड़ों से ढकवा दिया, तभी से इसका नाम 'दा-होंग पाओ' यानी 'बिग रेड रोब' पड़ा. आज भी यह चीन का राष्ट्रीय खजाना मानी जाती है.

कहां उगती है यह अनमोल चाय

दा-होंग पाओ चीन के फुजियान प्रांत की ऊबड़-खाबड़ वुईयी पहाड़ियों की चट्टानों की दरारों में उगती है. इन्हें 'रॉक टी' भी कहा जाता है क्योंकि पौधे पहाड़ी मिनरल्स को सोख लेते हैं. असली चाय केवल कुछ सैकड़ों साल पुरानी 'मदर बुशेस' से आती है, जिनकी संख्या बेहद कम है.स्वाद और 

खुशबू का जादू

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इसका स्वाद गहरा, मिट्टी जैसा और हल्का मीठा होता है. पीने के बाद यह जायका और खुशबू लंबे समय तक जुबान और गले पर बनी रहती है. साधारण चाय की तरह नहीं, बल्कि यह एक अनोखा अनुभव देती है जो चाय प्रेमियों को हमेशा याद रहता है.

क्यों है इतनी महंगी

2006 के बाद चीन सरकार ने इन प्राचीन पौधों से पत्तियां तोड़ने पर पूरी रोक लगा दी है. अब इन बुशेस की सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात रहते हैं. साल में बहुत कम मात्रा में पत्तियां मिलती हैं, इसलिए कीमत आसमान छूती है. एक ग्राम की कीमत भी करीब 1.5 लाख रुपये तक पहुंच जाती है.

आज बाजार में क्या मिलता है

जो दा-होंग पाओ आज बाजार में उपलब्ध है, वह ज्यादातर मूल पौधों की कटिंग से उगाए गए नए पौधों से बनाई जाती है. यह भी काफी महंगी है, लेकिन असली मदर बुशेस वाली चाय जितनी कीमती नहीं. फिर भी चाय के शौकीन इसे खास मौकों पर जरूर ट्राई करते हैं.