नई दिल्ली: दुनिया में जहां प्राकृतिक सुंदरता का कोई मुकाबला नहीं है, वहीं अब इंसानों ने भी तकनीक और इंजीनियरिंग के दम पर ऐसे आइलैंड बना दिए हैं जो देखने में किसी जादू से कम नहीं लगते हैं. आज ये मानव निर्मित आइलैंड दुनिया के बड़े टूरिस्ट आकर्षण बन चुके हैं और हर साल लाखों लोग इन्हें देखने आते हैं.
पाम जुमेराह दुबई की पहचान बन चुका है और यह आइलैंड ताड़ के पेड़ के आकार में बनाया गया है. इसका निर्माण साल 2001 में शुरू हुआ और 2006 में पूरा हुआ. इसके बाद 2007 से यहां लोगों ने रहना शुरू कर दिया. इस आइलैंड पर कई लग्जरी होटल और विला मौजूद हैं और यहां करीब 80 हजार लोग रह सकते हैं. इसे रेत और चट्टानों की मदद से तैयार किया गया है.
इसी शहर में वर्ल्ड आइलैंड एक बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है. इसमें लगभग 300 छोटे आइलैंड बनाए जा रहे हैं, जिन्हें दुनिया के नक्शे के रूप में डिजाइन किया गया है. हर आइलैंड किसी देश को दर्शाता है. हालांकि यह प्रोजेक्ट अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है, लेकिन यहां बने कुछ रिसॉर्ट्स में टूरिस्ट्स का आना शुरू हो चुका है.
पर्ल-कतर अरब की खाड़ी में स्थित एक शानदार मानव निर्मित आइलैंड है. यह लगभग 4 मिलियन वर्ग मीटर में फैला हुआ है और इसका डिजाइन मोतियों की माला जैसा रखा गया है. यह कतर के पुराने मोती उद्योग को दर्शाता है. यहां लग्जरी घर, शॉपिंग मॉल और मरीना जैसी सुविधाएं मौजूद हैं, जो इसे बेहद खास बनाती हैं.
हुलहुमाले मालदीव का एक खास आइलैंड है जिसे समुद्र से जमीन निकालकर बनाया गया है. इसका उद्देश्य देश की बढ़ती आबादी और समुद्र के बढ़ते स्तर से बचाव करना था. 2004 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट आज एक प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन चुका है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं.
कंसाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट जापान के ओसाका खाड़ी में बना एक अनोखा उदाहरण है. यह एयरपोर्ट पूरी तरह से एक कृत्रिम आइलैंड पर बनाया गया है और 1994 में शुरू हुआ था. इसे इंजीनियरिंग की दुनिया का अद्भुत नमूना माना जाता है. हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार यह आइलैंड धीरे धीरे समुद्र में धंस रहा है.
इन सभी आइलैंड्स ने यह साबित कर दिया है कि इंसान अपनी तकनीक से प्रकृति जैसी सुंदरता भी बना सकता है, लेकिन इनके सामने कई पर्यावरणीय चुनौतियां भी खड़ी हैं.