नई दिल्ली: सर्दियों में घर के अंदर लगे पौधे भी उतनी ही ठंड महसूस करते हैं जितना हम. तापमान गिरते ही उनकी पत्तियां मुरझाने लगती हैं और विकास धीमा हो जाता है. सही देखभाल न मिले तो पौधे तनाव में आ सकते हैं. इसलिए ठंड के मौसम में इंडोर प्लांट्स की देखभाल की खास जरूरत होती है.
हल्की धूप, संतुलित पानी, सही नमी और तापमान नियंत्रण पौधों की सेहत तय करते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि सर्दी में पौधों को बचाने के लिए कुछ छोटी लेकिन असरदार आदतें अपनानी चाहिए. ये टिप्स पौधों की जड़ों से लेकर पत्तियों तक सुरक्षा देते हैं.
ठंड में पौधों के लिए सबसे बड़ा खतरा अचानक तापमान बदलाव है. इन्हें 15–25 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना सबसे सुरक्षित माना जाता है. खिड़की से आने वाली सर्द हवा, दरवाजे के ड्राफ्ट और बालकनी की सीधी ठंड से गमले दूर रखें. हीटर या ब्लोअर की गर्म हवा सीधे पौधे पर न पड़ने दें, इससे पत्तियां जलने जैसी दिख सकती हैं. रात में कमरे का तापमान स्थिर रखने की कोशिश करें. पौधे को कोल्ड शॉक से बचाना सबसे पहला कवच है.
सर्दियों में पौधों की पानी की जरूरत कम हो जाती है. ज्यादा पानी देने से जड़ें गल सकती हैं और फंगस का खतरा बढ़ सकता है. मिट्टी की ऊपरी परत हल्की सूखी लगे तभी पानी दें. पानी हमेशा सामान्य तापमान का इस्तेमाल करें, बहुत ठंडा पानी पौधे की जड़ों को झटका दे सकता है. सुबह पानी देना शाम की तुलना में बेहतर माना जाता है. ड्रेनेज छेद वाले गमले ही उपयोग में रखें ताकि अतिरिक्त पानी नीचे निकल जाए.
धूप कम होने से पौधों का विकास धीमा हो सकता है. इन्हें रोज 2–4 घंटे की हल्की धूप दें. दक्षिण या पूर्व दिशा की खिड़की के पास पौधे रखना फायदेमंद रहता है. अगर कमरे में धूप न आती हो, तो ग्रो लाइट का सहारा लें. पत्तियों का हल्का पीला पड़ना रोशनी की कमी का संकेत हो सकता है. रोशनी पौधे का भोजन बनाने का मुख्य स्रोत है, इसलिए इसे नजरअंदाज न करें. यह उनकी विंटर रिकवरी की सबसे बड़ी ताकत बनती है.
हीटर चलने से कमरे की हवा सूखी हो जाती है, जो पौधों के लिए हानिकारक हो सकती है. 40–60% ह्यूमिडिटी पौधों के लिए आदर्श मानी जाती है. ह्यूमिडिफायर, पानी से भरी ट्रे या हल्का मिस्ट स्प्रे नमी बनाए रखने में मदद करते हैं. पत्तियों पर धूल न जमने दें, यह सांस लेने में बाधा बनती है. हफ्ते में 1–2 बार पत्तियां सूखे कपड़े से साफ करें. नमी का सही स्तर पौधे को जीवित और चमकदार रखता है.
ठंड में पौधों को भारी खाद न दें, लेकिन हल्की लिक्विड फर्टिलाइज़र महीने में एक बार दिया जा सकता है. मिट्टी के ऊपर कोकोपीट या ड्राई लीफ की पतली परत मल्च की तरह इस्तेमाल करें, इससे जड़ों को गर्माहट मिलती है. गमले की मिट्टी पूरी तरह कठोर या सूखी न होने दें. जरूरत पर मिट्टी को हल्का ढीला करें. सही पोषण और मल्चिंग से पौधे सर्दी के बाद तेजी से रिकवर करते हैं.