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'सांप का सिर काट दिया', अमेरिका-इजरायल के हमले में IRGC मुख्यालय तबाह; CENTCOM ने शेयर किया वीडियो

अमेरिका द्वारा किए गए हमले में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरीगार्ड कॉपर्स का मुख्यालय पूरी तरह नष्ट हो गया. CENTCOM ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए इस बात का दावा किया है.

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Edited By: Shanu Sharma
'सांप का सिर काट दिया', अमेरिका-इजरायल के हमले में IRGC मुख्यालय तबाह; CENTCOM ने शेयर किया वीडियो
Courtesy: X (@CENTCOM)

अमेरिका और इजरायल द्वारा लगातार ईरान पर हमले किए जा रहे हैं. इसी बीच रविवार को अमेरिकी सेना ने घोषणा की है कि उनके द्वारा किए गए हमले में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरीगार्ड कॉपर्स का मुख्यालय पूरी तरह बर्बाद हो गया. उन्होंने इसे इजरायल के साथ चलाए गए अभियान का हिस्सा बताया.  जिसे शनिवार को शुरू किया गया था. 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर सेना है. CENTCOM ने IRGC पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 47 सालों में एक हजार से ज्यादा अमेरिकियों की जान लेने वाले पर हमने हमला किया. उन्होंने दावा किया कि अब IRGC का कोई मुख्यालय नहीं बचा. उन्होंने इस हमले  को सांप का सिर काटने वाला बताया है.

इजारयल और अमेरिका का संयुक्त अभियान

अमेरिकी और इजरायल के संयुक्त अभियान में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. इस बात की पुष्टि खुद ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा दी गई है. खामेनेई ने ईरान में लगभग चार दशकों तक ईरान की कमान संभाली. लेकिन आखिरकार ईरान और अमेरिका द्वारा किए गए हमले में मारे गए. इजरायल ने दावा किया कि उसने महीनों से अमेरिका के साथ मिलकर योजना बनाई, पहले खामेनेई के कार्यालय के पास हमले हुए. इसके बाद ईरान की सेना के कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स तथा सैन्य हवाई अड्डों पर भी निशाना साधा गया. ईरानी मीडिया द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक हमलों में लगभग 200 लोगों की जान चली गई.

राष्ट्रपति ट्रंप ने दी थी चेतावनी

तेहरान में सन्नाटा पसरा है. लोग अपने-अपने घरों में कैद है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए ईरान को लोगों को घर में रहने की चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान पर किसी भी वक्त हमला किया जा सकता है. उन्होंने कहा था कि हमले तब तक किए जाएंगे जब तक लक्ष्य हासिल ना हो जाए. इस जंग से पहले ईरान और अमेरिका के बीच तीन बार बातचीत की गई थी. लेकिन अमेरिका ने इन सभी बातचीत को फेल बताया था.