नई दिल्ली: आजकल हर कोई अपने घर में ताजी और रासायनिक मुक्त सब्जियां उगाना चाहता है. लाल टमाटर और मिर्च दोनों ही रोजाना की रसोई में जरूरी हैं और बगीचे में उगाना बिल्कुल आसान है. थोड़ी सी मेहनत और सही तरीके से आप बालकनी, छत या छोटे बगीचे में भी अच्छी फसल ले सकते हैं. ये पौधे कम जगह में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं. शुरुआती लोगों के लिए भी ये बेहतरीन विकल्प हैं.
टमाटर और मिर्च के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी जरूरी है. तीन भाग बगीचे की मिट्टी, एक भाग गोबर की खाद और थोड़ी रेत मिलाकर मिश्रण तैयार करें. गमले कम से कम 12-18 इंच गहरे और चौड़े हों. नीचे जल निकासी के छेद जरूर रखें. मिट्टी का pH 6 से 7 के बीच होना चाहिए. इससे जड़ें मजबूत होंगी और पौधा स्वस्थ रहेगा.
टमाटर के बीज को नर्सरी ट्रे में बोएं या सीधे गमले में. मिर्च के बीज भी गर्म जगह पर बोएं. बीज को हल्की मिट्टी से ढक दें और रोज हल्का पानी छिड़कें. अंकुर आने के 4-5 हफ्ते बाद मजबूत पौधों को बड़े गमले में रोपें. रोपाई के समय गहरी रोपाई करें ताकि जड़ें अच्छी बनें. दोनों पौधों को 2-3 फीट दूरी पर रखें.
टमाटर और मिर्च को रोजाना कम से कम 6-8 घंटे सीधी धूप चाहिए. सुबह का पानी दें ताकि पत्तियां सूखी रहें. मिट्टी सूखने पर ही पानी दें, ज्यादा पानी से जड़ें सड़ सकती हैं. टमाटर के पौधे में साइड शूट हटाते रहें ताकि फल बड़े हों. मिर्च में फूल आने पर हल्की खाद दें. नियमित निगरानी से कीटों से बचाव आसान होता है.
शुरुआत में गोबर खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाएं. फूल और फल आने पर नीम की खली या घरेलू जैविक खाद जैसे केले का छिलका, अंडे का छिलका इस्तेमाल करें. नाइट्रोजन वाली खाद शुरुआत में और पोटाश फल आने पर दें. हर 15-20 दिन में हल्की खाद डालें. इससे पौधा हरा-भरा रहेगा और लाल टमाटर व तीखी मिर्च भरपूर लगेंगे.
कीटों से बचाने के लिए नीम के तेल का छिड़काव करें. पत्तियां पीली पड़ें तो तुरंत चेक करें. टमाटर लाल होने पर और मिर्च पूरी तीखी व रंगदार होने पर तोड़ें. नियमित कटाई से नई फसल आती रहती है. सही देखभाल से एक पौधे से कई किलो सब्जियां मिल सकती हैं.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.