menu-icon
India Daily

घर में रहना क्यों पसंद करते हैं कुछ लोग? साइकोलॉजी रिसर्च ने बताई इसकी खास वजह

साल 2024 की एक साइकोलॉजी रिसर्च के अनुसार, घर में रहना पसंद करने की वजह सिर्फ इंट्रोवर्ट होना नहीं है. जिन लोगों को घर में प्यार, सुरक्षा, मानसिक शांति और भावनात्मक सहारा मिलता है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
घर में रहना क्यों पसंद करते हैं कुछ लोग? साइकोलॉजी रिसर्च ने बताई इसकी खास वजह
Courtesy: Pinterest (Representative image)

नई दिल्ली: कुछ लोगों को छुट्टी मिलते ही बाहर घूमना, दोस्तों से मिलना और नई जगहों पर जाना पसंद होता है. वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें अपने घर में समय बिताना सबसे अच्छा लगता है. अक्सर ऐसे लोगों को इंट्रोवर्ट समझ लिया जाता है, लेकिन एक नई साइकोलॉजी रिसर्च बताती है कि घर में रहना पसंद करने की वजह सिर्फ स्वभाव नहीं, बल्कि घर से जुड़ा भावनात्मक लगाव भी हो सकता है.

साल 2024 में जर्नल ऑफ एनवायरनमेंटल साइकोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लोगों का अपने घर से जुड़ाव इस बात पर निर्भर करता है कि उन्हें वहां कितना सुकून, सुरक्षा और मानसिक शांति मिलती है. अगर घर व्यक्ति के लिए तनाव से राहत और भावनात्मक सहारा देने वाली जगह बन जाता है, तो वह स्वाभाविक रूप से घर में ज्यादा समय बिताना पसंद करता है.

कितने लोगों पर किया गया रिसर्च?

इस अध्ययन में 650 से अधिक लोगों को शामिल किया गया. शोधकर्ताओं ने उनसे पूछा कि उनके लिए घर का क्या महत्व है और वहां वे कैसा महसूस करते हैं. अध्ययन में शामिल लगभग 87 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनका घर वह स्थान है, जहां वे दिनभर की थकान, तनाव और मानसिक दबाव से राहत महसूस करते हैं. उनके लिए घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि मानसिक रूप से खुद को फिर से मजबूत करने का स्थान है.

रिसर्च में यह भी सामने आया कि घर का बड़ा या महंगा होना सबसे महत्वपूर्ण नहीं है. असली महत्व इस बात का है कि उस घर में रहने वाला व्यक्ति वहां कितना सुरक्षित, सम्मानित और खुश महसूस करता है. अगर घर में प्यार, अपनापन और अच्छे रिश्ते हों, तो छोटा सा घर भी बेहद सुकून देने वाला बन सकता है.

क्या मिला परिणाम?

अध्ययन के अनुसार जिन लोगों को घर में परिवार का साथ, मजबूत रिश्ते और अपनी निजी जगह मिलती है, उनका अपने घर से भावनात्मक जुड़ाव और भी मजबूत हो जाता है. ऐसे लोग घर लौटने का इंतजार करते हैं क्योंकि उन्हें वहां मानसिक शांति और आराम मिलता है.

वहीं यदि घर में लगातार तनाव, झगड़े, प्राइवेसी की कमी या अपनी बात कहने की आजादी न हो, तो व्यक्ति का घर से लगाव धीरे-धीरे कम होने लगता है. ऐसे लोग घर में कम और बाहर ज्यादा समय बिताना पसंद कर सकते हैं.