बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इसी दौरान संक्रमण फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है. नमी और गंदगी के कारण कई खाद्य पदार्थों पर बैक्टीरिया और परजीवी पनप सकते हैं. ऐसे में खानपान में थोड़ी सी सावधानी भी आपको कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में सब्जियों को खरीदने से लेकर पकाने तक साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए. खासकर पत्तेदार और परतदार सब्जियों में मिट्टी, कीड़े और परजीवियों के अंडे छिपे रह सकते हैं. इसलिए इन्हें अच्छी तरह धोकर और पूरी तरह पकाकर ही खाना बेहतर माना जाता है.
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में पत्तागोभी, फूलगोभी, बैंगन, शिमला मिर्च और कई पत्तेदार सब्जियों में परजीवियों के अंडे या छोटे कीड़े मौजूद हो सकते हैं. ये हमेशा नंगी आंखों से दिखाई नहीं देते. अगर सब्जियां ठीक से साफ न की जाएं या अधपकी खाई जाएं तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
विशेषज्ञों के मुताबिक यदि टेपवॉर्म या अन्य परजीवी शरीर में प्रवेश कर जाएं तो पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. गंभीर मामलों में कुछ परजीवी शरीर के अन्य अंगों तक भी पहुंच सकते हैं और जटिल स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं. हालांकि ऐसा जोखिम मुख्य रूप से संक्रमित भोजन के सेवन से जुड़ा होता है.
बारिश के मौसम में सब्जियों को पहले बहते पानी से दो से तीन बार धोना चाहिए. इसके बाद नमक, सिरका या बेकिंग सोडा मिले पानी में 15 से 20 मिनट तक भिगोकर रखना उपयोगी माना जाता है. इससे गंदगी, धूल और कई प्रकार के सूक्ष्म परजीवियों का खतरा कम किया जा सकता है. इसके बाद सब्जियों को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं.
मानसून के दौरान पत्तागोभी, पालक, लेट्यूस, मेथी, धनिया और अन्य पत्तेदार सब्जियों को कच्चा खाने से बचना चाहिए. विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में इन सब्जियों को अच्छी तरह धोने के बाद पूरी तरह पकाकर खाना अधिक सुरक्षित रहता है. सड़क किनारे मिलने वाले कटे हुए सलाद और खुले खाद्य पदार्थों से भी दूरी बनाए रखना बेहतर है.
विशेषज्ञ बताते हैं कि टेपवॉर्म संक्रमण अधिकतर दूषित या अधपके मांस से जुड़ा होता है, लेकिन मिट्टी, गंदे पानी या मल से दूषित सब्जियों पर भी परजीवियों के अंडे चिपके हो सकते हैं. इसलिए मानसून में सब्जियों की साफ-सफाई और उचित तरीके से पकाना सबसे जरूरी कदम है. थोड़ी सी सावधानी आपको संक्रमण और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद कर सकती है.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.