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India Daily

'अमेरिका की दादागीरी नहीं चलेगी...', चीन राष्ट्रपति ने शक्ति प्रदर्शन परेड में ट्रंप को मारा 'साइलेंट तमाचा'

दूसरे विश्व युद्ध में जापान की हार के 80 साल पूरे होने पर चीन ने भव्य विक्ट्री डे परेड आयोजित की. बीजिंग के तियानमेन चौक पर हुई इस परेड में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शक्ति प्रदर्शन के साथ अमेरिका पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए शांति और सहयोग की वकालत की.

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Edited By: Princy Sharma
'अमेरिका की दादागीरी नहीं चलेगी...', चीन राष्ट्रपति ने शक्ति प्रदर्शन परेड में ट्रंप को मारा 'साइलेंट तमाचा'
Courtesy: Pinterest

XI Jinping Message To Donald Trump: दूसरे विश्व युद्ध में जापान की हार के 80 साल पूरे होने के मौके पर चीन ने 'विक्ट्री डे' को बेहद भव्य मिलिट्री परेड के साथ मनाया. राजधानी बीजिंग के तियानमेन चौक पर हुई इस परेड में चीन ने न केवल अपनी सेना की ताकत दिखाई, बल्कि अमेरिका को भी इशारों में दो टूक जवाब दे दिया . 

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने भाषण में अमेरिका का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके शब्दों से साफ झलक रहा था कि वह पश्चिमी देशों खासकर अमेरिका की नीतियों से नाराज हैं. उन्होंने कहा, 'दुनिया को फिर से जंगल राज में नहीं लौटना चाहिए, जहां बड़े देश छोटे देशों को धमकाते थे. हमें शांति और सहयोग का रास्ता अपनाना होगा.'

जिनपिंग का संकेत 

उन्होंने कहा कि इंसान एक ही धरती पर रहते हैं, तो हमें मिल-जुलकर रहना चाहिए. चीन, अब गैर-पश्चिमी नेतृत्व वाली एक नई वैश्विक व्यवस्था चाहता है, जहां अमेरिका की दादागीरी नहीं चलेगी. जिनपिंग ने परेड को 'चीन के पुनर्जागरण' का प्रतीक बताया और कहा कि दुनिया को अब शांति बनाम युद्ध, सहयोग बनाम टकराव जैसे दोराहों में से सही रास्ता चुनना होगा. 

परेड में कौन-कौन आया 

  • इस परेड में 26 देशों के नेताओं ने शिरकत की, जो चीन की साफ कूटनीतिक चाल मानी जा रही है .
  •  ये खास मेहमान शामिल रहे 
  • रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
  • उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन खास ट्रेन से आए 
  • ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान
  • पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ म्यांमार , उज्बेकिस्तान , बेलारूस , स्लोवाकिया , सर्बिया समेत कई एशियाई और यूरोपीय देशों के नेता भी मौजूद रहे.

विशेषज्ञों के मुताबि , ये परेड सिर्फ ताकत का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि अमेरिका और पश्चिम के खिलाफ एकजुटता का साफ संकेत था . चीन का संदेश था किहम किसी की धमकी से डरने वाले नहीं. 'चीन शांति का पक्षधर है, लेकिन अपनी सुरक्षा और सम्मान के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. अगर अमेरिका टैरिफ और व्यापार युद्ध की राह अपनाता है, तो चीन अकेला नहीं है हमारे साथ पूरी 'नई दुनिया' खड़ी है.'