China Hypersonic Weapon: बीजिंग के तियानमेन स्क्वायर पर आयोजित विक्ट्री डे परेड में चीन ने अपनी आधुनिक सैन्य ताकत का भव्य प्रदर्शन किया. राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में हुई इस परेड में चीन ने अपने 15 अत्याधुनिक हथियारों और नई सैन्य तकनीकों को पहली बार दुनिया के सामने पेश किया, जिनका सीधा संदेश ताइवान स्ट्रेट और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में संभावित संघर्ष से जोड़ा गया.
DF-5C इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का रेंज 13000 किमी. से ज्यादा है और जो एक साथ 10 वॉरहेड ले जा सकती है. इसके साथ ही चीन ने हाइपरसोनिक मिसाइलें DF-17 और DF-26D भी प्रदर्शित कीं. DF-26D यह सीधे अमेरिका के गुआम बेस को निशाना बना सकती है, इसलिए इसको 'गुआम किलर' कहा जाता है, जबकि DF-17 हाइपरसोनिक ग्लाइड तकनीक के कारण किसी भी डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकती है.
🇨🇳📹 SPOTTED: China’s DF-5 strategic intercontinental nuclear missile, which has a strike range capable of covering the entire planet. pic.twitter.com/4UsKupiPB9
— Sputnik (@SputnikInt) September 3, 2025Also Read
- China Military Parade: जापान को चेतावनी या दुनिया के सामने शक्ति प्रदर्शन? जानिए चीन की भव्य परेड का असली मकसद!
- India US Trade War: 'भारत के साथ हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हैं लेकिन...,' ट्रंप ने किया टैरिफ का बचाव, भारत पर लगाया ये आरोप
- ‘शी जिनपिंग, पुतिन-किम अमेरिका के खिलाफ कर रहे साजिश’, ट्रंप को रास नहीं आई चीन की विक्ट्री परेड पर तीनों की मौजूदगी
अब चीन की हवाई ताकत की बात करें तो केजे-500ए और केजे-600 पूर्व चेतावनी विमान, वाई-20ए और वाई-20बी परिवहन विमान, पाँचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान जे-20एस और जे-35 भी प्रदर्शन में मौजूद थे. जे-20एस ड्रोन को नियंत्रित करने में सक्षम है, जबकि जे-35 विमानवाहक पोत से भी उड़ान भर सकता है. ड्रोन सिस्टम्स में GJ-11 'लॉयल विंगमैन' स्टील्थ ड्रोन और AQS003A कॉम्बैट ड्रोन आकर्षण का केंद्र रहे. इनके अलावा नौसेना के लिए पानी के अंदर और सतह पर चलने वाले ड्रोन भी पेश किए गए. CJ-1000 हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल भी दिखाई गई, जिसे बेहद खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि यह जमीन के बेहद करीब से हजारों किलोमीटर दूर के लक्ष्यों को हिट कर सकती है.
इस प्रदर्शन में चीन ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को भी दिखाया, जिसमे वायु और मिसाइल हमलों को रोकने के लिए HQ-29, HQ-11 और HQ-20 जैसे आधुनिक हथियार तैयार हैं. खास तौर पर, HQ-29 की तुलना रूस के S-500 और अमेरिका के SM-3 इंटरसेप्टर से की जा रही है. ज़मीनी ताकत की बात करें तो PHL-16 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर और टाइप 99B मुख्य युद्धक टैंक प्रदर्शन पर मौजूद थे.
वहीं, H-6J लॉन्ग रेंज बॉम्बर ने चीन की नौसैनिक क्षमता को मजबूत करने का संदेश दिया. यह YJ-12 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइलों से लैस है, जो 400 किलोमीटर दूर तक दुश्मन के बड़े जहाजों को नष्ट कर सकती हैं. इस शक्ति प्रदर्शन का मकसद साफ था. दुनिया को यह दिखाना कि चीन अब तकनीक और मारक क्षमता में तेजी से आगे बढ़ चुका है और किसी भी बड़े युद्धक्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाने में सक्षम है.