नई दिल्ली: ईरान-अमेरिका युद्ध में ट्रंप ने बड़ा दांव खेला है. अमेरिकी फोर्स ने होर्मुज के पास ईरान के तट पर मिसाइल ठिकानों पर 5000 पाउंड के बमों की बारिश कर दी. ये बम गहराई में घुसकर मजबूत साइटों को तबाह करते हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे सफल बताया. ट्रंप ने कहा कि सहयोगी देशों की मदद न मिलने पर भी अमेरिका अकेले होर्मुज को सुरक्षित बनाएगा. होर्मुज से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, जिसे ईरान ने बंद कर रखा था. युद्ध 28 फरवरी से चल रहा है और अब अमेरिका ने गेम पलट दिया है.
अमेरिकी सेना ने ईरान के समुद्री तट पर बने मजबूत मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च साइटों पर 5000 पाउंड के 'डीप पेनिट्रेटर' बम गिराए. ये बम जमीन में घुसकर लक्ष्य को नष्ट कर देते हैं. सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन साइटों से होर्मुज में जहाजों को खतरा था. हमले का उद्देश्य होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खोलना था. ट्रंप ने कहा कि सहयोगी देशों ने मदद नहीं की, इसलिए अमेरिका अकेले आगे बढ़ रहा है.
ट्रंप ने दावा किया कि यह कार्रवाई ईरान की समुद्री शक्ति को कमजोर करेगी. पहले खार्ग द्वीप पर हमले हुए थे, जहां तेल सुविधाओं को बचाया गया. अब मिसाइल भंडार नष्ट होने से होर्मुज खुलने की संभावना बढ़ी है. ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ी तो तेल सुविधाएं भी निशाना बन सकती हैं. ईरान की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन अमेरिका इसे सफल मान रहा है.
Hours ago, U.S. forces successfully employed multiple 5,000-pound deep penetrator munitions on hardened Iranian missile sites along Iran’s coastline near the Strait of Hormuz. The Iranian anti-ship cruise missiles in these sites posed a risk to international shipping in the… pic.twitter.com/hgCSFH0cqO
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 17, 2026Also Read
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होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का मुख्य द्वार है. यहां से 20% तेल गुजरता है. ईरान ने युद्ध में इसे बंद कर दिया, जिससे तेल संकट पैदा हो गया. भारत-एशिया को छूट दी गई, लेकिन अमेरिका-यूरोप के जहाजों पर हमले हो रहे हैं. ट्रंप ने एनएटीओ से मदद मांगी, लेकिन मना होने पर अकेले एक्शन लिया. सफलता से तेल कीमतें गिर सकती हैं.
यह हमला अमेरिका की रणनीति का हिस्सा है. ट्रंप ने कहा कि सहयोगी देशों की गलती है, लेकिन अमेरिका अकेला होर्मुज को सुरक्षित रखेगा. युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है. ईरान मिसाइल, ड्रोन और माइंस से जहाजों को टारगेट कर रहा है. अमेरिका का यह कदम तेल सप्लाई सामान्य करने की दिशा में बड़ा कदम है. आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है.