menu-icon
India Daily

अमेरिका के खिलाफ कौन सी साजिश रच रहा चीन और नॉर्थ कोरिया? किम जोंग उन और वांग यी की मुलाकात ने बढ़ाई टेंशन

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार को प्योंगयांग में किम जोंग उन से मुलाकात की. वर्कर्स पार्टी की 9वीं कांग्रेस और सुप्रीम पीपल्स असेंबली की सफलता पर शी जिनपिंग की बधाई दी.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
अमेरिका के खिलाफ कौन सी साजिश रच रहा चीन और नॉर्थ कोरिया? किम जोंग उन और वांग यी की मुलाकात ने बढ़ाई टेंशन
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: चीन के विदेश मंत्री वांग यी की उत्तर कोरिया यात्रा ने एशिया की भू-राजनीति में नया मोड़ ला दिया है. शुक्रवार को प्योंगयांग में किम जोंग उन से हुई उनकी मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार की बैठक नहीं थी, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का संकेत है. अमेरिका के लिए यह मुलाकात चिंता का विषय बन सकती है क्योंकि चीन और उत्तर कोरिया के करीबी संबंध क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं. 

80वीं वर्षगांठ 

दोनों नेताओं के बीच बातचीत में पिछले साल सितंबर की शी जिनपिंग-किम जोंग उन बैठक को खास तौर पर याद किया गया. तब किम जोंग उन चीन गए थे और विश्व युद्ध की 80वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में शामिल हुए थे. अब दोनों देश उन सहमतियों को जमीन पर उतारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. 

शी जिनपिंग की बधाई और किम का स्वागत

वांग यी ने किम जोंग उन को वर्कर्स पार्टी की 9वीं कांग्रेस और 15वीं सुप्रीम पीपल्स असेंबली की सफलता पर शी जिनपिंग की तरफ से बधाई दी. उन्होंने कहा कि किम के मजबूत नेतृत्व में उत्तर कोरिया समाजवादी निर्माण में नई ऊंचाइयों को छू रहा है. किम जोंग उन ने चीनी प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया. 

पिछली बैठक की यादें ताजा

किम जोंग उन ने कहा कि पिछले साल सितंबर में शी जिनपिंग के साथ हुई मुलाकात की यादें अभी भी ताजा हैं. उस बैठक में बनी सहमतियां अब व्यावहारिक रूप से लागू हो रही हैं. दोनों देशों के संबंध जनता की इच्छा के अनुसार नए स्तर पर पहुंच गए हैं. 

समाजवाद और सहयोग को नई दिशा

उत्तर कोरिया ने चीन के साथ मित्रता और सहयोग को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया. वर्कर्स पार्टी की कांग्रेस में तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए दोनों देश उच्चस्तरीय आदान-प्रदान, रणनीतिक संवाद और पारस्परिक समर्थन बढ़ाएंगे. 

दोनों देशों का साझा लक्ष्य

किम जोंग उन ने कहा कि चीन के साथ मिलकर समाजवाद को केंद्र में रखते हुए दोनों देश जनता की भलाई और विश्व शांति के लिए काम करेंगे. वांग यी ने भी पूर्ण विश्वास जताया कि किम के नेतृत्व में उत्तर कोरिया आगे बढ़ता रहेगा.

क्षेत्रीय संतुलन पर असर

यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका एशिया-पैसिफिक में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है. चीन और उत्तर कोरिया के मजबूत होते संबंध भविष्य में रणनीतिक चुनौतियां पैदा कर सकते हैं. दोनों देश मिलकर अपने हितों की रक्षा करने के लिए तैयार दिख रहे हैं.