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India Daily

खत्म होगा US-ईरान युद्ध या भड़केगा तनाव? 10 प्वाइंट्स में जानें क्या हो सकता है आज

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हो रही बातचीत से मिडिल ईस्ट की स्थिति तय हो सकती है. लेबनान को लेकर विवाद सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
खत्म होगा US-ईरान युद्ध या भड़केगा तनाव? 10 प्वाइंट्स में जानें क्या हो सकता है आज
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच आज पाकिस्तान में होने वाली अहम बातचीत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. यह बातचीत मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को खत्म करने या और बढ़ाने का कारण बन सकती है.

इस वार्ता का आयोजन इस्लामाबाद में किया जा रहा है, जहां दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठेंगे. फिलहाल दो हफ्तों का युद्धविराम लागू है, जिसने इस बातचीत का रास्ता साफ किया है लेकिन इसकी स्थिरता पर सवाल बने हुए हैं.

जानें क्या हो सकता है आज:

  • सबसे बड़ा विवाद लेबनान को लेकर है. यह तय नहीं हो पाया है कि लेबनान को इस सीजफायर समझौते में शामिल किया जाए या नहीं. इसी मुद्दे के कारण बातचीत पर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.
  • व्हाइट हाउस के मुताबिक वॉशिंगटन और तेहरान के प्रतिनिधि शनिवार की सुबह इस्लामाबाद में अपनी पहली बैठक के लिए एक साथ बैठेंगे.
  • अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर इस बैठक में हिस्सा लेंगे. 
  • पाकिस्तान के लिए अपनी फ्लाइट में चढ़ने से पहले जेडी वेंस ने उम्मीद जताते हुए पत्रकारों से कहा, 'हम इस बातचीत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. मुझे लगता है कि इसके नतीजे सकारात्मक होंगे.'
  • वहीं ईरान ने अभी आधिकारिक रूप से अपने प्रतिनिधियों की घोषणा नहीं की है, लेकिन खबरों के मुताबिक संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिब इस वार्ता का नेतृत्व कर सकते हैं.
  • बताया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने 15 बिंदुओं का एक प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें ईरान से परमाणु हथियार छोड़ने, उच्च स्तर के यूरेनियम भंडार को खत्म करने, सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने जैसी शर्तें शामिल हैं.
  • ईरान का कहना है कि युद्धविराम में हिज्बुल्लाह पर होने वाले हमले भी शामिल होने चाहिए. जबकि अमेरिका और इजरायल का मानना है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है.
  • ईरान ने साफ किया है कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब लेबनान में भी युद्धविराम लागू होगा और उसके विदेशों में फंसे फंड्स जारी किए जाएंगे.
  • अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला तो यह युद्धविराम टूट सकता है. यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. 
  • वहीं ट्रंप ने अलग से इस्लामिक गणराज्य को चेतावनी दी कि वह इस अहम जलमार्ग से गुजरने वाले टैंकरों पर कोई टोल न लगाए.

यह बातचीत बेहद अहम मोड़ पर है. अगर समझौता हो जाता है तो शांति की दिशा में बड़ा कदम होगा, लेकिन असफलता की स्थिति में तनाव और बढ़ सकता है.