क्वाड फॉरेन मिनिस्टर्स मीट के दौरान अमेरिकी मार्को रूबियो ने कहा है कि ईरान के साथ डील की संभावनाएं खत्म नहीं हुई हैं. उन्होंने कहा कि ईरान पर हुए अमेरिकी हमले आत्मरक्षा में किए गए हैं, इन हमलों के बाद सीजफायर को लेकर सवाल उठ रहे हैं लेकिन आज भी कतर में बातचीत चल रही है और अमेरिका देखेगा कि क्या बातचीत के लिए आगे बढ़ सकते हैं. बता दें कि अमेरिकी मिलिट्री ने ईरान पर किए गए हमलों को सेल्फ डिफेंस में बताया है. ये हमले मिसाइल लॉन्च साइटों और नावों पर किए गए हैं. ऊधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कहा कि तेहरान के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के प्रतिनिधि अमेरिका के साथ चल रहे विवाद पर बातचीत के लिए दोहा पहुंचे तो ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया था. होर्मुज स्ट्रेट ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का अहम रास्ता है. अमेरिकी सैनिकों ने आत्मरक्षा में ईरान पर हमले किए. अमेरिकी आर्मी के सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने एक बयान जारी कर कहा है कि हमारे सैनिकों को ईरान सेना से खतरा उत्पन्न हो गया था, इस खतरे से बचाव में हमले किए गए. हालांकि हमारी सेना सीजफायर के दौरान पूरा संयम बरत रही है.
इस मामले में अभी तक ईरान की कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि ईरान की न्यूज वेबसाइट तबनाक ने ईरान हमलों के दौरान नावों पर तैनात चार सैनिकों की मौत होने के पुष्टि की है. इसके अलावा ईरानी सरकार टेलिविजन ने बंदर अब्बास के आसपास धमाके होने की पुष्टि की है. बंदर अब्बास होर्मुज स्ट्रेट के पास है, जहां एक मिलिट्री पोर्ट के अलावा डुअल यूज एयरपोर्ट भी है. इन हमलों के बाद हफ्तों से चला आ रहा सीजफायर डगमगाने लगा. बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट पर अभी भी ईरान का कब्जा बना हुआ है.
बता दें कि ईरानी हमलों के बाद कतर ने उसके अरबों डॉलर के फंड फ्रीज किए हुए हैं. ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्म्द बाघेर कलीबाफ अमेरिका से संभावित डील को लेकर बातचीत के लिए कतर पहुंचे हुए हैं. भारत में मौजूद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान के साथ चल रही इसी वार्ता की बात कही है और कुछ पॉजीटिव नतीजा सामने आने की उम्मीद भी जताई है.