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India Daily

रावलकोट में दहशत का माहौल, PoK में ड्रोन और गोलियां बरसा रही पाकिस्तानी सेना; 3 की मौत और 18 जख्मी

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के रावलकोट में पाकिस्तानी सेना और स्थानीय प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया है. गुरुवार सुबह से जारी गोलीबारी और ड्रोन हमलों में तीन लोगों की मौत और 18 लोगों के घायल होने की खबर है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
रावलकोट में दहशत का माहौल, PoK में ड्रोन और गोलियां बरसा रही पाकिस्तानी सेना; 3 की मौत और 18 जख्मी
Courtesy: @ParaSF007 X Account

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है. यहां पाकिस्तान की सेना और स्थानीय प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. रावलकोट शहर में पाकिस्तानी सैनिकों पर नागरिकों के घरों को निशाना बनाने, ड्रोन से हमले करने और अंधाधुंध गोलीबारी करने के आरोप लगे हैं. गुरुवार सुबह से जारी इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 18 लोग घायल बताए जा रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक, यह घटना रावलकोट के उमर फारूक चौक पर हुई है. स्थानीय लोगों का दावा है कि पाकिस्तानी सैनिक गुरुवार सुबह करीब 5 बजे से लगातार फायरिंग कर रहे हैं. इस दौरान ड्रोन के जरिए भी नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया. सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो और तस्वीरों में इलाके में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है. रावलकोट इस हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर बताया जा रहा है.

नागरिकों और प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना जानबूझकर आम नागरिकों के घरों और निहत्थे प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रही है. उनका कहना है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में महिलाओं, बच्चों और आम लोगों की जान खतरे में पड़ गई है. हालांकि, इन आरोपों और हमलों से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

यह हिंसा कोई अकेली घटना नहीं है. स्थानीय लोगों के दावों के अनुसार, जून 2026 में विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में 153 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इस दौरान क्षेत्र में लगातार असंतोष और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं.

वायरल वीडियो में दिखे जलते घर, गोलियों की आवाज से दहशत

PoK से सामने आए वीडियो में कई घरों में आग लगी दिखाई दे रही है. कुछ लोग घटनास्थल से मिले धातु के टुकड़े और शार्पनेल दिखाते हुए पाकिस्तानी सेना पर हमले करने का आरोप लगा रहे हैं. एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि सेना ने उनके डेथ वारंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.

अन्य वीडियो में लगातार गोलियां चलने की आवाज सुनाई दे रही है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने रावलकोट में नागरिकों और बच्चों पर भी गोलियां चलाई हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सेना की कार्रवाई और कथित दमन के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे. उनका दावा है कि आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली सेना के दबाव के बावजूद वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद, सड़कों पर उतरे लोग

रिपोर्ट के अनुसार, रावलकोट में सरकारी मोबाइल सेवा और इंटरनेट बंद कर दिया गया है. इससे लोगों को एक-दूसरे से संपर्क करने और घटनाओं की जानकारी साझा करने में परेशानी हो रही है. इलाके में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है. इसके बावजूद स्थानीय लोग सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं.

सिर्फ बिजली और आटे का मुद्दा नहीं, अधिकारों की भी लड़ाई

PoK में जारी यह आंदोलन अब केवल महंगी बिजली और आटे की समस्या तक सीमित नहीं रह गया है. प्रदर्शनकारी विधानसभा में उचित प्रतिनिधित्व, स्थानीय संसाधनों पर अधिकार और प्रशासनिक स्वायत्तता जैसी मांगें भी उठा रहे हैं. उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को अपने संसाधनों और भविष्य से जुड़े फैसले लेने का अधिकार मिलना चाहिए.

इस आंदोलन ने पाकिस्तान के साथ PoK की स्थानीय आबादी के रिश्तों और वहां के प्रशासनिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार बढ़ते विरोध और हिंसक कार्रवाई के आरोपों के बीच क्षेत्र की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.