पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की. इसके साथ ही उनके 23 साल लंबे शानदार इंटरनेशनल करियर का अंत हो गया. 41 वर्षीय रोनाल्डो ने अपने करियर में पुर्तगाल के लिए 234 मुकाबले खेले और 146 गोल किए. वह अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पुरुष खिलाड़ियों के बीच सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं.
रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर यूरो 2004 से पहले शुरू हुआ था. उन्होंने छह फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया और पुर्तगाल को यूरोपीय चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई. उनके संन्यास को पुर्तगाली फुटबॉल के एक बड़े युग का अंत माना जा रहा है.
O vídeo do anúncio de aposentadoria do Cristiano Ronaldo da seleção portuguesa ❤️ https://t.co/Tl5HdDwXXn
— Central Cristiano Ronaldo (@CentralCR7BR) November 5, 2026
रोनाल्डो का यह फैसला पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जीसस के साथ विवाद के बाद आया है. पिछले महीने नेशंस लीग के एक मुकाबले में कोच ने उन्हें मैदान पर उतारने का फैसला नहीं किया था. इससे नाराज होकर रोनाल्डो टीम के ट्रेनिंग कैंप से चले गए थे. इसके बाद उनके और कोच के बीच मतभेद की खबरें सामने आई थीं.
संन्यास की घोषणा करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करना उनके करियर का सबसे बड़ा सम्मान रहा है. उन्होंने अब टीम की प्रतिष्ठित नंबर 7 जर्सी अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को सौंपने की बात कही.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, "पुर्तगाल के लोगों, अब राष्ट्रीय टीम की नंबर 7 जर्सी लौटाने का समय आ गया है. मैंने कभी इसे सिर्फ अपनी जर्सी नहीं माना, लेकिन 23 साल तक इसे पहनना, इसकी रक्षा करना और दुनिया भर के स्टेडियमों में अपने देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही. अब इसे भविष्य को सौंपने का समय है."
अपने करियर को याद करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि इस सफर में उन्हें कई यादगार जीत मिलीं, लेकिन कुछ ऐसी हार भी झेलनी पड़ीं जिन्हें याद करना आज भी मुश्किल है. उन्होंने माना कि कई मौकों पर वह अपने देश के लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए.
उन्होंने कहा, "कुछ दोपहर और रातें बेहद शानदार रहीं. ऐसी जीत मिलीं जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता और कुछ हार ऐसी भी रहीं जिन्हें याद करना आज भी मुश्किल है. मुझसे गलतियां भी हुईं और मैंने तकलीफें भी झेलीं, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी. सबसे बढ़कर, पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर मेरा गर्व कभी कम नहीं हुआ."
रोनाल्डो ने अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में साथ देने वाले खिलाड़ियों, कोच, मेडिकल टीम और अन्य कर्मचारियों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि कई लोग कैमरे के सामने नहीं आए, लेकिन उनके योगदान के बिना ये उपलब्धियां संभव नहीं होतीं.
उन्होंने अपने परिवार का भी विशेष रूप से आभार जताया. रोनाल्डो के मुताबिक, परिवार ने राष्ट्रीय टीम के लिए उनके व्यस्त कार्यक्रम, दूर रहने और कई त्यागों को समझा. उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में परिवार का साथ सबसे अहम रहा.
संन्यास के बावजूद रोनाल्डो ने स्पष्ट किया कि पुर्तगाल से उनका रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय टीम के साथ अपना सफर सिर ऊंचा करके समाप्त कर रहे हैं और उन्हें गर्व है कि उन्होंने अपने देश के लिए अपना सब कुछ दिया.
उन्होंने कहा, "आज मैं राष्ट्रीय टीम के साथ अपना सफर समाप्त कर रहा हूं. मुझे अपने रास्ते पर गर्व है और इस बात का संतोष है कि मैंने पुर्तगाल के लिए अपना सब कुछ दिया. लेकिन मैं कभी भी आप लोगों में से एक होना बंद नहीं करूंगा."
अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि दुनिया के सबसे अच्छे देश का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान हासिल करना है. रोनाल्डो ने प्रशंसकों को 23 साल तक विश्वास बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया.