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India Daily

चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 से SIR घोषणा को किया अलग, दो चुनाव आयुक्तों ने उठाए थे सवाल

चुनाव आयोग ने ऑनलाइन फॉर्म-6 से SIR घोषणा को अलग कर दिया है. इस फैसले के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वालों को घोषणा अलग से जमा करनी होगी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 से SIR घोषणा को किया अलग, दो चुनाव आयुक्तों ने उठाए थे सवाल
Courtesy: @ECISVEEP

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने ऑनलाइन फॉर्म-6 से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी घोषणा को पूरी तरह अलग कर दिया है. यह बदलाव उन सभी राज्यों में लागू किया गया है, जहां मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अभी जारी है. आयोग ने 4-5 नवंबर को ECINet पोर्टल पर इसे लागू किया. अब मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने वालों को SIR से संबंधित घोषणा फॉर्म-6 के साथ भरने के बजाय अलग से जमा करनी होगी.

दो चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति

इस बदलाव को लेकर चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने पहले सवाल उठाए थे. 16 मई को चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने बिना औपचारिक संशोधन के फॉर्म-6 में SIR घोषणा जोड़ने पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद 13 अगस्त को चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने भी इस बदलाव को अनधिकृत और अवैध बताया था.

26 सितंबर को आयोग ने फैसला किया था कि जिन राज्यों में SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां फॉर्म-6 से यह घोषणा हटा दी जाएगी. वहीं, जिन राज्यों में प्रक्रिया जारी है, वहां इसे लागू रखा जाएगा. हालांकि, 21 अक्टूबर को आयोग के मतदाता सूची विभाग ने ऑनलाइन आवेदन में दोनों को अलग करने का निर्णय लिया. इसकी जानकारी 26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में भी दी गई थी.

SIR को लेकर विपक्ष का विरोध जारी

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग का विरोध कर रहे हैं. INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में गड़बड़ियां हुई हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं.

राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन भी किया है. हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है. चुनाव आयोग ने आंतरिक कामकाज में भी किए बदलाव

बैठकों की कार्यवाही होगी दर्ज

चुनाव आयोग ने अपनी आंतरिक बैठकों की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है. अब बैठकों का एजेंडा पहले से साझा किया जाएगा और बैठक के बाद उसकी आधिकारिक कार्यवाही यानी मिनट्स जारी किए जाएंगे. पहले इस प्रक्रिया का नियमित रूप से पालन नहीं होता था.

विदेश यात्रा के लिए लेनी होगी मंजूरी

आयोग के अधिकारियों को अब विदेश यात्रा पर जाने से पहले चुनाव आयोग की अनुमति लेनी होगी. पहले इसके लिए अनिवार्य पूर्व मंजूरी की व्यवस्था नहीं थी.

IT मॉड्यूल पर समिति करेगी विचार

चुनाव आयोग ने नए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मॉड्यूल तैयार करने और उन्हें मंजूरी देने की प्रक्रिया भी बदली है. अब नए मॉड्यूल से जुड़े प्रस्ताव पहले एक समिति के पास भेजे जाएंगे. समिति की समीक्षा के बाद ही उन्हें अंतिम फैसले के लिए आयोग के सामने रखा जाएगा. इन बदलावों का उद्देश्य चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना और फैसलों की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है.