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India Daily

क्या ईरान की धमकी से डरकर मिडिल ईस्ट बेस से अपनी सेना को वापस बुला रहा अमेरिका?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि फांसी की सजा दी गई तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा. इस पर ईरानी न्यायपालिका प्रमुख की टिप्पणियां सीधे अमेरिकी चेतावनी के जवाब में देखी जा रही हैं.

Anuj
Edited By: Anuj
क्या ईरान की धमकी से डरकर मिडिल ईस्ट बेस से अपनी सेना को वापस बुला रहा अमेरिका?
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ रहा है और युद्ध की आशंका गहराती जा रही है। ईरान ने हाल ही में कड़े बयान दिए हैं और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी है. इस बीच अमेरिका ने अपने प्रमुख सैन्य बेस से सैनिकों और कर्मचारियों को वापस बुलाना शुरू कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका अपने मध्य पूर्व के प्रमुख ठिकानों से कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें हटाने का कदम उठा रहा है.

'अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा'

ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका किसी प्रकार का सैन्य हमला करता है, तो वह अमेरिका के ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा. एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान ने अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करने वाले पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है. इसमें सऊदी अरब, यूएई और तुर्की जैसे देश शामिल हैं. ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो इन देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा.

ईरान के लिए कई मोर्चों पर चुनौतियां

इस समय ईरान के लिए कई मोर्चों पर चुनौतियां खड़ी हैं. एक ओर देश में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जो पिछले दो हफ्तों से बड़े पैमाने पर जारी हैं. वहीं, दूसरी ओर अमेरिका से लगातार सैन्य कार्रवाई की धमकियां मिल रही हैं. इस स्थिति ने ईरानी नेतृत्व को सतर्क कर दिया है और उन्होंने कड़ा रुख अपनाया है.

सख्त कार्रवाई की चेतावनी

वहीं, ईरान की न्यायपालिका ने भी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. न्यायपालिका के प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई ने कहा कि अगर किसी कार्रवाई की जरूरत है तो उसे तुरंत करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि कार्रवाई में देरी होती है तो उसका असर कम हो जाएगा. यह बयान ईरान की आंतरिक स्थिति और अमेरिकी दबाव के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश का प्रतीक है.

ईरानी न्यायपालिका प्रमुख की टिप्पणी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि फांसी की सजा दी गई तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा. इस पर ईरानी न्यायपालिका प्रमुख की टिप्पणियां सीधे अमेरिकी चेतावनी के जवाब में देखी जा रही हैं. मिडिल ईस्ट की यह जटिल स्थिति क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब ईरान और अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हुई हैं. बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई के बीच मिडिल ईस्ट में स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. दोनों देशों की प्रतिक्रियाएं और रणनीतियां भविष्य के संघर्ष की दिशा तय कर सकती हैं.