इजरायल ने बुधवार को लेबनान पर एयर स्ट्राइक की, जिसमें पूर्वी शहर बालबेक में एक चार मंजिला मकान ढह गई. लेबनान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी NNA ने बताया कि इस हमले में कई लोग मारे गए हैं. साथ ही अभी भी कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई है. घटनास्थल पर पहुंची बचाव दल मलबे से परिवारों को निकालने की कोशिश में जुटी है.
सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई फोटो वीडियो सामने आ रहे हैं. जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि कई लोग अभी भी मलबे के अंदर फंसे हुए हैं. हालांकि मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बुलडोजर की मदद ली जा रही है. बचावकर्ताओं का कहना है कि स्थिति काफी गंभीर है.
मीडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने ईरानी मिसाइल लॉन्चर और न्यूक्लियर रिसर्च साइट पर हमले किए. ईरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमले किए. अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाया गया. जिससे एनर्जी सप्लाई और यात्रा प्रभावित हुई है. लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ भी इजरायल ने कार्रवाई की.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध कई हफ्तों या उससे ज्यादा समय तक चल सकता है. ईरान में अबतक करीब 800 लोगों के मारे जाने की खबर है. राष्ट्रपति ट्रंप ने इन हमलों को लेकर कहा था कि कुछ मारे गए लोग ईरान के भविष्य के नेता हो सकते थे.
عدد كبير من الأشخاص عالقين تحت الأنقاض وتسمع صرخات استغاثة في غارة بعلبك.
— مصدر مسؤول (@fouadkhreiss) March 4, 2026
الي عندو الية او جرافة ل رفع الانقاض يتوجه على المجمع فوراا
المجمع ماهول بالكامل ويوجد بداخله أكثر من ٦٠ شخصٱ pic.twitter.com/iMW7ckTg0q
इजरायल ने मंगलवार को तेहरान और लेबनान में बम बरसाए. वहीं ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी एम्बेसी और यूएई में कॉन्सुलेट पर ड्रोन हमले किए. ईरान ने इजरायल पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, ज्यादातर को रोक लिया गया. इजरायल में 11 लोग मारे गए.
पेंटागन ने कुवैत में ड्रोन हमले में चार अमेरिकी रिजर्व सैनिकों की मौत की पुष्टि की, दो अन्य सर्विस मेंबर भी मारे गए. युद्ध के बढ़ते रूप ने सवाल खड़े किए हैं कि यह कब और कैसे खत्म होगा. अमेरिका-इजरायल के मकसद में ईरान की मिसाइल क्षमता खत्म करना और प्रॉक्सी ग्रुप्स का समर्थन बंद करना शामिल है. खामेनेई की मौत के बाद ट्रंप ने ईरानियों से सरकार गिराने की अपील की थी. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सरकार बदलना संभव नहीं है.