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India Daily

ईरानी ड्रोन ने उड़ाया अमेरिकी कमांड सेंटर! 6 सैनिक शहीद, पेंटागन ने 4 की तस्वीर की जारी; क्या खाड़ी में छिड़ेगा बड़ा युद्ध?

पेंटागन ने ईरानी ड्रोन हमले में मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों की तस्वीरें जारी कीं. कुवैत के पोर्ट शुआइबा कमांड सेंटर पर हमले में कुल छह सैनिक मारे गए थे. दो की पहचान अभी बाकी है. ईरान ने अमेरिका पर वैश्विक दबदबा बनाए रखने का आरोप लगाया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
ईरानी ड्रोन ने उड़ाया अमेरिकी कमांड सेंटर! 6 सैनिक शहीद, पेंटागन ने 4 की तस्वीर की जारी; क्या खाड़ी में छिड़ेगा बड़ा युद्ध?
Courtesy: @EricLDaugh

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है. ईरानी ड्रोन ने कुवैत के पोर्ट शुआइबा स्थित अमेरिकी कमांड सेंटर पर हमला किया, जिसमें छह अमेरिकी सैनिक मारे गए. पेंटागन ने रविवार को चार सैनिकों की पहचान कर उनकी तस्वीरें जारी कीं. इनमें कैप्टन कोडी खोर्क, सार्जेंट फर्स्ट क्लास नोआ टिटजेंस, सार्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल अमोर और सार्जेंट डेक्लान कोडी शामिल हैं.

सभी आयोवा की आर्मी रिजर्व यूनिट से थे. राष्ट्रपति ट्रंप ने दुख जताया और कहा कि युद्ध खत्म होने से पहले और मौतें हो सकती हैं. दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि वाशिंगटन सिर्फ तेहरान नहीं, बल्कि भारत, चीन और रूस जैसी उभरती ताकतों को रोकना चाहता है.

चार सैनिकों की पहचान और तस्वीरें

पेंटागन ने चार मारे गए सैनिकों की तस्वीरें सार्वजनिक कीं. कैप्टन कोडी खोर्क (35), सार्जेंट फर्स्ट क्लास नोआ टिटजेंस (42), सार्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल अमोर (39) और सार्जेंट डेक्लान कोडी (20) आयोवा की 103वीं सस्टेनमेंट कमांड से जुड़े थे. यह यूनिट खाद्य, ईंधन, पानी, गोला-बारूद और परिवहन सामग्री की आपूर्ति करती है. बाकी दो सैनिकों की पहचान अभी जारी है. 

कैसे हुआ हमला?

रविवार को ईरानी ड्रोन ने कुवैत के पोर्ट शुआइबा में अमेरिकी कमांड सेंटर को निशाना बनाया. इसी हमले में ये छह सैनिक मारे गए. आर्मी सेक्रेटरी डेनियल ड्रिस्कॉल ने कहा कि ये सैनिक स्वेच्छा से देश की रक्षा के लिए लड़े और उनकी कुर्बानी को कभी नहीं भुलाया जाएगा. हमला क्षेत्रीय तनाव का हिस्सा माना जा रहा है.

ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप

ईरान के सुप्रीम लीडर ऑफिस के विशेष प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका जानबूझकर वैश्विक संघर्ष बढ़ा रहा है. उनका मकसद सिर्फ ईरान नहीं, बल्कि भारत, चीन और रूस जैसी उभरती शक्तियों को रोकना है. अमेरिका मल्टीपोलर दुनिया नहीं चाहता और अपना दबदबा बनाए रखना चाहता है. 

ईरान की बातचीत की पेशकश

ईरानी प्रतिनिधि ने कहा कि तेहरान युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत को तैयार है, लेकिन सिर्फ सम्मानजनक शर्तों पर. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका भविष्य में भारत और चीन जैसे देशों पर भी नजर रखेगा. दुनिया में शक्ति संतुलन बदल रहा है और अमेरिका इससे असहज है.