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'नहीं लगा था कि उन्हें मेरे आगे झुकना पड़ेगा', डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी प्रिंस का सरेआम उड़ाया मजाक

डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में सऊदी अरब के साथ ईरान के खिलाफ युद्ध में एक मजबूत कूटनीतिक गठबंधन का दावा किया है. उन्होंने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की प्रशंसा की लेकिन अपने विवादास्पद बयानों से नई वैश्विक चर्चा छेड़ दी है.

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'नहीं लगा था कि उन्हें मेरे आगे झुकना पड़ेगा', डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी प्रिंस का सरेआम उड़ाया मजाक
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में आयोजित एक निवेश मंच पर ईरान के साथ जारी युद्ध और सऊदी अरब के साथ संबंधों पर बेबाक टिप्पणी की है. ट्रंप ने दावा किया कि खाड़ी देश इस युद्ध में वाशिंगटन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

फ्लोरिडा के 'फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव' कार्यक्रम में ट्रंप ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) के साथ अपने संबंधों पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हें नहीं लगा था कि प्रिंस उनके प्रति इतने विनम्र होंगे. ट्रंप के अनुसार प्रिंस पहले उन्हें एक सामान्य अमेरिकी राष्ट्रपति समझते थे, लेकिन अब उनके नेतृत्व में अमेरिका के पुनरुद्धार को देखकर उनकी सोच बदल गई है. ट्रंप ने दावा किया कि अब प्रिंस को उनके प्रति सम्मानजनक रहना पड़ रहा है.

क्राउन प्रिंस की प्रशंसा और युद्ध में सहयोग 

विवादास्पद टिप्पणी के बावजूद ट्रंप ने मोहम्मद बिन सलमान को एक 'शानदार इंसान' और 'योद्धा' बताकर उनकी तारीफ की. ट्रंप ने कहा कि सऊदी साम्राज्य को अपने क्राउन प्रिंस पर गर्व होना चाहिए. ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देश ईरान के साथ चल रहे इस भीषण संघर्ष में अमेरिका का पूरा समर्थन कर रहे हैं. यह रणनीतिक सहयोग वाशिंगटन के लिए काफी महत्वपूर्ण है, जो इस युद्ध में ईरान के प्रभाव को सीमित करना चाहता है.

युद्ध की पृष्ठभूमि और ईरान का पलटवार 

गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़े हमले शुरू किए थे. इसके जवाब में तेहरान ने भी संघर्ष का दायरा बढ़ाते हुए इजरायल और उन खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. ट्रंप का यह ताजा बयान युद्ध शुरू होने के लगभग एक महीने बाद आया है, जब क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है और सैन्य बुनियादी ढांचे लगातार निशाने पर हैं.

मीडिया रिपोर्ट और निजी रणनीति का दावा 

एक हालिया मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोहम्मद बिन सलमान निजी तौर पर ट्रंप को युद्ध जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार प्रिंस इसे ईरान के नेतृत्व को कमजोर करने का एक "ऐतिहासिक अवसर" मानते हैं. सूत्रों का कहना है कि उन्होंने ट्रंप से और अधिक आक्रामक कार्रवाइयों की वकालत की है, जिसमें ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाना शामिल है. यह रिपोर्ट दोनों नेताओं के बीच एक गहरी और आक्रामक रणनीति की ओर इशारा करती है.

सऊदी अरब का आधिकारिक रुख और स्पष्टीकरण 

दूसरी ओर सऊदी अरब ने इन सभी दावों और मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. सऊदी प्रशासन का आधिकारिक रुख है कि वे इस संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं और उनकी प्राथमिकता केवल ईरानी हमलों से अपनी सुरक्षा करना है. सऊदी नेतृत्व ने साफ किया है कि वे किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई के बजाय क्षेत्रीय स्थिरता को अधिक महत्व देते हैं. यह विरोधाभास ट्रंप के दावों और सऊदी की आधिकारिक नीतियों के बीच एक बड़ी खाई को दर्शाता है.