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ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, भारत कर सकता है शांति में मदद: खामनेई के प्रतिनिधि

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के करीबी और भारत में उनके विशेष प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, भारत कर सकता है शांति में मदद: खामनेई के प्रतिनिधि
Courtesy: ani

 ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने साफ किया कि ईरान का परमाणु सिद्धांत फतवे के तहत परमाणु हथियारों को हराम मानता है. उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली बातों को खारिज करते हुए कहा कि भारत इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है.

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के करीबी और भारत में उनके विशेष प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. उन्होंने बताया कि खामनेई का फतवा इस दिशा में स्पष्ट मार्गदर्शन देता है. साथ ही, उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत की भूमिका को अहम बताया और पाकिस्तान द्वारा की जा रही तथाकथित मध्यस्थता की पोल खोल दी.

ईरान का परमाणु सिद्धांत साफ

अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा, “हमारे सर्वोच्च नेता ने फतवा जारी किया है. परमाणु हथियार हराम हैं. हम इसे नहीं चाहते और न ही इसकी तलाश कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि ईरान का यह रुख उसकी मूलभूत नीति का हिस्सा है और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं होगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान तुरंत युद्ध समाप्त करने को तैयार है, लेकिन शर्तें उन देशों पर निर्भर करती हैं जिन्होंने इसे शुरू किया है.

पाकिस्तान की मध्यस्थता से इनकार

पाकिस्तान की ओर से ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता किए जाने के दावों पर इलाही ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “हमारे राजदूत ने भी पाकिस्तान में इससे इनकार किया है. हमने पाकिस्तान के साथ कोई वार्ता नहीं की है.” उन्होंने पाकिस्तानी नेताओं द्वारा 15 सूत्रीय शांति पहल की बातों को महज अटकलें करार दिया. इलाही ने साफ किया कि ईरान की ओर से ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है.

युद्ध की समाप्ति और भारत की भूमिका

इलाही ने कहा कि युद्ध की समाप्ति उन देशों पर निर्भर करती है जिन्होंने इसे शुरू किया. उनके अनुसार, ये देश हथियारों की बिक्री और ऊंचे तेल दामों से फायदा ले रहे हैं, जिससे गरीब देशों को नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा, “भारत इस संकट को खत्म करने में बहुत अच्छी भूमिका निभा सकता है.” उन्होंने भारत को न्याय, स्वतंत्रता और उदारता की धरती बताते हुए 5,000 साल पुरानी दोस्ती को याद किया.

भारत-ईरान संबंधों की गहराई

ईरान और भारत के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्तों पर बात करते हुए इलाही ने कहा कि दोनों देश सदियों से ज्ञान और दर्शन से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा मानवता की सेवा की है और यहां की विरासत पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है. उन्होंने विश्वास जताया कि भारत अपनी मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति का उपयोग कर क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने में सफल होगा.