नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार Tehran Times ने अपने पहले पन्ने पर अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है. अखबार ने 'नरक में आपका स्वागत है' शीर्षक के साथ खुली धमकी दी है.
अखबार ने लिखा कि यदि कोई अमेरिकी सैनिक ईरान की जमीन पर कदम रखता है, तो उसकी वापसी ताबूत में ही होगी. इस बयान ने दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनातनी को और तेज कर दिया है.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि United States मध्य पूर्व में करीब 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है. माना जा रहा है कि यह कदम क्षेत्र में सैन्य विकल्पों को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया जा सकता है. हालांकि, इस तैनाती को लेकर अभी अंतिम फैसला स्पष्ट नहीं हुआ है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगातार यह दावा किया जा रहा है कि ईरान युद्ध को खत्म करने के उद्देश्य से अमेरिका के साथ शांति वार्ता में लगा हुआ है. इसके बावजूद अतिरिक्त सैनिकों की संभावित तैनाती ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, यह तैनाती फरवरी के अंत में शुरू हुई सैन्य गतिविधियों के बाद स्थिति को देखते हुए प्रस्तावित की गई है.
Tehran Times front page –
— Commentary Iran Tracker (@24_70xu) March 28, 2026
Welcome to Hell
U.S. troops who step foot on Iranian soil will leave only in a coffin. pic.twitter.com/8Mixz1zMgE
वहीं, ईरान ने भी किसी संभावित जमीनी हमले का जवाब देने की तैयारी के संकेत दिए हैं. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यदि अमेरिका जमीन पर कार्रवाई करता है, तो यमन में उनके सहयोगी हूती विद्रोहियों को सक्रिय किया जा सकता है. इससे लाल सागर क्षेत्र में जहाजों पर हमले बढ़ सकते हैं और संघर्ष का दायरा और व्यापक हो सकता है.
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी सैनिकों की तैनाती ईरान के करीब रणनीतिक स्थानों पर की जा सकती है, जिनमें खारग द्वीप भी शामिल है, जो देश का एक अहम तेल निर्यात केंद्र है. फिलहाल स्थिति पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, यह देखना अहम होगा.
वेस्ट एशिया में चल रहा युद्ध और भी ज्यादा खतरनाक हो गया है. शुक्रवार को, ईरान ने सऊदी अरब में एक अहम अमेरिकी मिलिट्री बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में करीब 10 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है. बता दें कि रियाद के दक्षिण-पूर्व में स्थित प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमला किया गया था.