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'ऐसा करने वालों का हम...', सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की गीदड़ भभकी, भारत ने दोहराया अपना रुख

सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है. पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने जल अधिकारों को लेकर कड़ी चेतावनी दी है, जबकि भारत ने दोहराया है कि मौजूदा परिस्थितियों में 1960 की संधि को पहले की तरह लागू मानना उचित नहीं है.

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Edited By: Shanu Sharma
'ऐसा करने वालों का हम...', सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की गीदड़ भभकी, भारत ने दोहराया अपना रुख
Courtesy: X (@HindutvaKingg)

भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है. पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत पर पाकिस्तान के हिस्से के पानी को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने हिस्से के जल अधिकारों की हर हाल में रक्षा करेगा और उन्हें चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा.

मुसादिक मलिक ने दावा किया कि भारत पानी की आपूर्ति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने जल अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा और इस मुद्दे पर पूरी दृढ़ता के साथ खड़ा रहेगा.

सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान का दावा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि सिंधु जल संधि एक कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसे कोई भी पक्ष एकतरफा न तो समाप्त कर सकता है और न ही उसमें बदलाव कर सकता है. उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान के दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन प्राप्त है.

उनके अनुसार, भारत द्वारा संधि को स्थगित करने के फैसले को वैश्विक स्तर पर व्यापक स्वीकार्यता नहीं मिली है. तरार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि पानी देश की जीवनरेखा है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है.

पाकिस्तान सरकार ने घोषणा की है कि वह सिंधु जल संधि पर पहला अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करेगी. इस सम्मेलन में कानूनी विशेषज्ञ, जल प्रबंधन विशेषज्ञ और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है. सरकार के अनुसार, सेमिनार में संधि के कानूनी, तकनीकी और अंतरराष्ट्रीय पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और पाकिस्तान के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा जाएगा.

भारत का रुख साफ

सिंधु जल संधि को लेकर मौजूदा तनाव अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद और बढ़ गया. भारतीय नागरिकों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का आरोप लगाते हुए संधि को अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया.

नई दिल्ली ने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय और ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक पहले जैसी स्थिति बहाल नहीं की जाएगी. पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भारत के फैसले का लगातार विरोध किया है. भारत का कहना है कि जिस देश पर लगातार सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हों, उसके साथ सद्भावना और विश्वास के आधार पर बने समझौते को पहले जैसी स्थिति में बनाए रखना व्यावहारिक नहीं है.