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India Daily

'पर्दा आपकी पहचान और गर्व का प्रतीक', हिजाब डे सेलिब्रेशन पर ईरानी पत्रकार ने जोहरान ममदानी की लगाई क्लास

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी अपने ही पोस्ट को लेकर ट्रोल हो रहे हैं. हिजाब डे सेलिब्रेश पर बधाई देते ही ईरान के पत्रकारों और एक्टिविस्ट ने उन्हें घेर लिया.

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Edited By: Shanu Sharma
'पर्दा आपकी पहचान और गर्व का प्रतीक', हिजाब डे सेलिब्रेशन पर ईरानी पत्रकार ने जोहरान ममदानी की लगाई क्लास
Courtesy: X (@ThePoliticalHQ,@NYCImmigrants)

नई दिल्ली: जोहरान ममदानी का नाम उस वक्त सुर्खियों में तेजी से तब आया जब उन्होंने न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ा. हालांकि डोनाल्ड ट्रंप उनके खिलाफ थे, फिर भी वे बिल्कुल नहीं डरें. उनके इस हुनर की लोगों ने सराहना की, हालांकि अब एक ममदानी अपने ही पोस्ट को लेकर विवादों में घिर गए हैं.

ममदानी के ऑफिस द्वाार वर्ल्ड हिजाब डे पर एक पोस्ट शेयर किया गया. जिसमें हिजाब को आस्था, पहचान और गर्व का प्रतीक बताया गया था. जिसे लेकर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. ईरान में अनिवार्य हिजाब कानूनों के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच उनकी इस पोस्ट ने नए बहस को जन्म दे दिया.

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट 

ममदानी के ऑफिस ऑफ इमिग्रेंट अफेयर्स ने हिजाब में लड़कियों के पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा कि आज, हम दुनिया भर की मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों की आस्था, पहचान और गर्व का जश्न मनाते हैं. ये महिलाएं हिजाब पहनना चुनती हैं, जो मुस्लिम विरासत के उत्सव का एक शक्तिशाली प्रतीक है. हालांकि इस पोस्ट के शेयर होते ही एक्टिविस्ट्स और कमेंटेटर्स ने निंदा करनी शुरू कर दी.

पोस्ट पर क्यों मचा बवाल?

ईरानी-अमेरिकी पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने खुलकर इसका विरोध किया. उन्होंने ममदानी को टैग करते हुए पूछा कि क्या आपको ऐसा सच में लगता है? फिर वह आगे लिखती हैं सच कहूं तो, मुझे अपने खूबसूरत शहर न्यूयॉर्क में ही यातना महसूस हो रही है, जब मैं आपको 'वर्ल्ड हिजाब डे' मनाते हुए देख रही हूं. वहीं मेरे घायल देश ईरान में महिलाओं को हिजाब और इसके पीछे की इस्लामी विचारधारा को मना करने के लिए जेल भेजा जा रहा है, गोली मारी जा रही है. फ्रांसीसी लेखक और एक्टिविस्ट बर्नार्ड-हेनरी लेवी ने भी पोस्ट की आलोचना करते हुए लिखा कि वर्ल्ड हिजाब डे? तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई? जब ईरान में हजारों महिलाओं को इसे पहनने से इनकार करने के साधारण काम के लिए जेल भेजा जा रहा है, यातना दी जा रही है और मारा जा रहा है और ऐसे में हिजाब का जश्न कैसे मना सकता है?