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India Daily

सुबह-सुबह कांपी लखनऊ की धरती, 3.7 की तीव्रता से आया भूकंप; कोई जनहानि नहीं

लखनऊ में भूकंप के हल्के झटकों से दहशत फैल गई. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र गोंडा जिला था और इसकी तीव्रता 3.7 मापी गई.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
सुबह-सुबह कांपी लखनऊ की धरती, 3.7 की तीव्रता से आया भूकंप; कोई जनहानि नहीं
Courtesy: social media

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए. सुबह-सुबह धरती के हिलने से कई लोग घरों से बाहर निकल आए. हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप की बढ़ती घटनाओं के बीच यह झटका लोगों के लिए डराने वाला साबित हुआ. हालांकि, भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लोगों में चिंता जरूर बढ़ गई.

कहां था भूकंप का केंद्र?

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, लखनऊ में महसूस किए गए भूकंप का केंद्र उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित था. यह भूकंप सुबह 7 बजकर 32 मिनट पर दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था, जिस वजह से इसके झटके आसपास के जिलों तक महसूस किए गए. विशेषज्ञों के अनुसार, कम गहराई में आए भूकंप आमतौर पर ज्यादा महसूस होते हैं.

तीव्रता और स्थिति पर अपडेट

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई, जिसे हल्की श्रेणी में रखा जाता है. प्रशासन के मुताबिक, कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि, भूकंप के झटकों के बाद लोग कुछ देर तक सतर्क रहे. विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय फॉल्ट लाइनों के कारण हल्के भूकंप आते रहते हैं और घबराने की बजाय सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है.

उत्तराखंड में भी भूकंप के झटके

शुक्रवार की सुबह उत्तराखंड में भी भूकंप के हल्के महसूस किए गए. भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखने वाली एजेंसी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र बागेश्वर जिले में स्थित था. धरती के भीतर लगभग 10 किलोमीटर गहराई से उठे इन झटकों का समय सुबह 7 बजकर 48 मिनट दर्ज किया गया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 आंकी गई, जिससे किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली, लेकिन लोगों में डर का माहौल रहा.

सिक्किम में रातभर कांपी धरती

पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में भी भूकंप की गतिविधियां देखने को मिलीं. आधी रात के बाद ग्यालशिंग क्षेत्र में 4.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके बाद अलग-अलग इलाकों में कई बार धरती हिलती महसूस की गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दस से अधिक झटके महसूस किए गए, जिससे दहशत का माहौल बन गया. हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है.

भूकंप के दौरान अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

भूकंप विशेषज्ञों का मानना है कि हल्के झटकों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यदि आप घर के भीतर हों तो किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे शरण लें और सिर को सुरक्षित रखें. बाहर मौजूद होने पर खुले स्थान में चले जाएं और इमारतों, पेड़ों व बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें. भूकंप के समय लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करना अधिक सुरक्षित माना जाता है.