सिक्किम में बुधवार देर रात धरती अचानक कांप उठी, जब ग्यालशिंग क्षेत्र में 4.5 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार यह झटका रात 1:09 बजे दर्ज किया गया. नींद में डूबे लोग तेज कंपन से घबरा गए और एहतियातन घरों से बाहर निकल आए. कुछ ही मिनटों में इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. राहत की बात यह रही कि शुरुआती जांच में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.
भूकंप के झटके इतने स्पष्ट थे कि ग्यालशिंग और आसपास के इलाकों में लोग जाग गए. कई परिवार डर के कारण तुरंत खुले स्थानों की ओर भागे. कुछ लोगों ने बताया कि खिड़कियां और दरवाजे हिलने लगे थे, जिससे घबराहट और बढ़ गई. हालांकि भूकंप की अवधि कम रही, लेकिन उसका असर लोगों की मानसिक स्थिति पर साफ नजर आया.
भूकंप के बाद संभावित आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए लोग कुछ समय तक बाहर ही खड़े रहे. स्थानीय निवासियों ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा डर देखा गया. कई लोगों ने मोबाइल फोन के जरिए परिजनों और पड़ोसियों से संपर्क कर उनकी सुरक्षा की जानकारी ली. स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी, लेकिन बेचैनी बनी रही.
EQ of M: 4.5, On: 06/02/2026 02:30:30 IST, Lat: 33.27 N, Long: 83.39 E, Depth: 25 Km, Location: Tibet.
For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @Ravi_MoES @Dr_Mishra1966 @ndmaindia pic.twitter.com/6ciHc4ALNM— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) February 5, 2026Also Read
- मौसम का बड़ा उलटफेर! कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी और घने कोहरे का अलर्ट
- 'उन्होंने तो एक गुजराती का सरनेम भी चुरा लिया,' PM मोदी ने गांधी परिवार पर कसा तंज, राहुल गांधी पर साधा निशाना
- 'ये सिखों का अपमान है...', केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार दोस्त' बोलने पर PM मोदी ने राहुल गांधी को घेरा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है. स्थानीय अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं और आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है.
सिक्किम भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहां समय-समय पर हल्के भूकंप आते रहते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए. सुरक्षित निर्माण, आपदा प्रबंधन की जानकारी और आपात योजना ही ऐसे प्राकृतिक झटकों से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है.