नई दिल्ली: ईरान में तेज महंगाई और आर्थिक असंतोष के कारण विरोध प्रदर्शन रविवार (27 दिसंबर 2025) से शुरू हुए. शुरू में तहरान के व्यापारिक क्षेत्रों में हुए प्रदर्शन अब देश के अन्य हिस्सों तक फैल गए हैं. प्रदर्शनकारियों ने शासन के खिलाफ नारे लगाए और कुछ शहरों में हिंसक झड़पें हुईं. सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में कई लोग मारे गए और दर्जनों गिरफ्तार किए गए. विरोध अब देश की ग्रामीण और प्रांतीय क्षेत्रों तक पहुंच चुका है.
प्रदर्शन की शुरुआत तहरान में हुई, जहां दुकानदारों ने बढ़ती महंगाई और आर्थिक ठहराव के खिलाफ हड़ताल की. इसके बाद विरोध अन्य शहरों और प्रांतों में फैल गया. सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में कई लोग घायल हुए और सात लोगों की जान भी चली गई. लोर प्रांत और उसके आसपास के क्षेत्रों में हिंसा सबसे अधिक रही.
तहरान में 30 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने का आरोप था. अधिकारियों ने कहा कि मालार्ड जिले में हुए प्रदर्शन के लिए सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने समन्वित कार्रवाई की. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और अन्य साधनों का उपयोग किया.
अजना और लॉर्डेगन जैसे शहरों में प्रदर्शन अधिक हिंसक रूप धारण कर गए. ऑनलाइन वीडियो में सड़कों पर आग और गोलियों की आवाज़ सुनाई दी. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक भवनों और बैंक पर पत्थरबाज़ी की. पुलिस ने कई प्रमुख प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है. इस हिंसा में कई लोगों की मौत हुई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है.
🔴Urgent#Kalantari Azna Lorestan was captured
The oppressors' vehicles were set on fire
The great protest of the Iranian people pic.twitter.com/yPAxJ3qQcb— Alexkennedy (@Alexkennedy310) January 1, 2026Also Read
प्रदर्शनकारियों ने 'जब तक मौलाना नहीं जाते, यह देश मुक्त नहीं होगा' और 'मौलाना ईरान से बाहर जाएं' जैसे नारे लगाए. सोशल मीडिया पर दर्जनों वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें युवा प्रदर्शनकारी झंडे जलाते और सरकार के खिलाफ नारे लगाते दिखे.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेझेशकियन ने प्रदर्शनकारियों की 'वैध मांगों' को मान्यता दी. उन्होंने आर्थिक सुधार की दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिलाया, लेकिन साथ ही स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यदि लोगों की जीविका की समस्याओं को हल नहीं किया गया, तो यह गंभीर परिणाम ला सकता है.
14/ Protest activity today appeared more limited & geographically uneven, potentially shaped by a cold front.
— Sina Toossi (@SinaToossi) December 31, 2025
The most notable unrest was reported in Fasa, Fars province, where a governorate building was attacked & clashes reportedly followed security force intervention. pic.twitter.com/lwZ7onbqoM
ईरान में प्रदर्शन और हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठन भी नजर रखे हुए हैं. पत्रकार मसिह अलीनेजाद ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए और बताया कि युवा सड़कों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. कई देशों ने ईरान से संयम बरतने और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का सम्मान करने का आग्रह किया है.
Youth in Babol Burn the Islamic Republic’s Flag in the Streets
— Masih Alinejad 🏳️ (@AlinejadMasih) January 1, 2026
Young people in Babol set the Islamic Republic’s flag on fire in the middle of the street. They chant:
“Until the mullah is shrouded, this homeland will not be free.”#Iran pic.twitter.com/KE48HbKVSg
महंगाई दर दिसंबर 2025 में 52% रिकॉर्ड की गई. ईरान की मुद्रा तेजी से गिर रही है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती कीमतें और आर्थिक असुरक्षा उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाल रही हैं. सरकार ने महंगाई और बेरोजगारी की समस्या को हल करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन देश में आर्थिक संकट अभी भी गहरा बना हुआ है.