नई दिल्ली: इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने एक बड़ी घोषणा में कहा कि ईरान के पूरे शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर दिया गया है, जिसमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और उनके करीबी शामिल हैं. यह हमले ईरान के आतंकी गठबंधन पर केंद्रित थे, जिसमें हिजबुल्लाह, हमास और हूती जैसे संगठनों के प्रमुख भी मारे गए.
आईडीएफ का कहना है कि इन नेताओं ने दशकों से इजराइल के खिलाफ हमले करवाए, जिसमें 7 अक्टूबर का नरसंहार भी शामिल है. 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों से यह अभियान शुरू हुआ, और 1 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 48 अधिकारियों के मारे जाने की पुष्टि की.
आईडीएफ ने बताया कि इजराइली वायुसेना के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को मार गिराया गया. इससे पहले, ईरान के रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख समेत कई उच्च अधिकारी भी मारे गए थे. यह कार्रवाई ईरान के आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. हमलों से ईरान की कमान बिखर गई है..
इजराइल ने ईरान के सहयोगी संगठनों के नेताओं को भी निशाना बनाया. हिजबुल्लाह के हसन नसरल्लाह, हमास के याह्या सिनवार और उसके सैन्य कमांडर मोहम्मद देइफ, तथा हूतियों के सेना प्रमुख मोहम्मद अल-घमारी को मार गिराया गया. इनकी मौत से ईरान का आतंकी गठबंधन कमजोर हो गया है.
ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी भी हमलों का शिकार बन गए. खातम-अल अंबिया मुख्यालय के कमांडर घोलाम अली रशीद, सेना प्रमुख मोहम्मद बागेरी, आईआरजीसी कमांडर हुसैन सलामी समेत कई अन्य अधिकारी मारे गए. आईडीएफ का कहना है कि ये लोग इजराइल के विनाश की साजिश रचते थे.
28 फरवरी को शुरू हुए हमलों में अमेरिका ने इजराइल का साथ दिया. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान ने एक झटके में 48 अधिकारी खो दिए. यह अभियान दशकों की दुश्मनी का जवाब है, जिसने इजराइल पर कई हमले करवाए. अब क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी है.