नई दिल्ली: अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई से ईरान में तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई शीर्ष नेता मारे गए हैं. इसके जवाब में तेहरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे मध्य पूर्व में संघर्ष फैल गया है.
ट्रंप ने डेली मेल को दिए साक्षात्कार में कहा कि यह अभियान चार सप्ताह या उससे कम समय में पूरा हो सकता है. उन्होंने ईरान को बड़ा देश बताते हुए जटिलता स्वीकारी, लेकिन अमेरिकी लक्ष्यों को हासिल करने तक कार्रवाई जारी रखने का संकल्प लिया. अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
ट्रंप ने कहा, 'यह हमेशा से चार सप्ताह की प्रक्रिया रही है. हमने सोचा था कि चार सप्ताह या इतना ही समय लगेगा. यह एक बड़ा देश है, मजबूत है, इसलिए चार सप्ताह या उससे कम समय लग सकता है.' उन्होंने अभियान को जटिल लेकिन नियोजित बताया. ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व को खत्म करने की सफलता पर जोर दिया, जिसमें लगभग 48 वरिष्ठ व्यक्ति मारे गए.
ट्रंप ने पहले अमेरिकी हताहतों की पुष्टि की. तीन अमेरिकी सैनिक इस संघर्ष में शहीद हुए हैं. उन्होंने उन्हें महान योद्धा बताया और कहा कि दुर्भाग्य से ऐसी घटनाएं हो सकती हैं और आगे भी हो सकती हैं. ट्रंप ने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और उनके उत्कृष्ट रिकॉर्ड की सराहना की.
ट्रंप ने ईरान से बातचीत के लिए दरवाजा खुला रखा. उन्होंने कहा, 'मैं नहीं जानता. वे बात करना चाहते हैं, लेकिन मैंने कहा कि पिछले हफ्ते बात करनी चाहिए थी, इस हफ्ते नहीं.' हालांकि, उन्होंने तत्काल वार्ता पर संशय जताया. ट्रंप ने बहरीन, सऊदी अरब, यूएई, कतर और जॉर्डन के नेताओं से बात की है.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर वीडियो में कहा कि यह दुनिया का सबसे जटिल और प्रभावशाली सैन्य अभियान है. कार्रवाई पूरी ताकत से जारी है और सभी उद्देश्य हासिल होने तक रुकेगी नहीं. उन्होंने ईरान को लंबी दूरी की मिसाइलों और परमाणु हथियारों से अमेरिका के लिए खतरा बताया. ट्रंप ने कहा कि अभियान योजना के मुताबिक चल रहा है.