नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव अब चरम पर पहुंच गया है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद तेहरान ने अमेरिका-इजराइल के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमलों की बौछार कर दी है. इस बीच लेबनान के हिज्बुल्लाह ने भी मैदान में कूदकर उत्तरी इजराइल पर हमला किया, जिसके जवाब में इजराइली सेना ने बेरूत समेत लेबनान के कई इलाकों में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर जोरदार बमबारी की. लेबनान के प्रधानमंत्री ने इस घटना को देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक करार दिया है. क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ गई है.
इजराइली रक्षा बल (IDF) ने कहा कि हिज्बुल्लाह के बॉर्डर पार से दागे गए प्रोजेक्टाइल को रोक लिया गया. इसके बाद पूरे लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए गए. IDF ने इसे ईरान के आतंकी शासन की देखरेख में चल रहे संगठन के खिलाफ जरूरी कदम बताया. एक साल से ज्यादा समय बाद हिज्बुल्लाह ने इजराइल पर हमले का दावा किया था.
हिज्बुल्लाह ने सोमवार सुबह बयान जारी कर कहा कि उसका हमला खामेनेई की 'शहादत' का बदला और लेबनान की रक्षा के लिए था. संगठन ने इजराइल के बार-बार हमलों का जवाब देने का ऐलान किया. हाइफा के पास मिलिट्री बेस को निशाना बनाया गया. इजराइल ने इसे सीधा खतरा बताते हुए जवाबी कार्रवाई तेज कर दी.
लेबनान के प्रधानमंत्री ने दक्षिणी इलाके से प्रोजेक्टाइल लॉन्च करने को 'गैर-जिम्मेदाराना' और 'संदिग्ध' करार दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे कदम पूरे देश की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं. पीएम ने कहा कि लेबनान को इस संघर्ष में घसीटना उचित नहीं है और इससे नागरिकों को भारी नुकसान हो सकता है.
ईरान ने सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमलों से अमेरिका-इजराइल को जवाब दिया. बहरीन में एक ईरानी मिसाइल इंटरसेप्ट होने के बाद लगी आग में एक व्यक्ति की मौत हुई. दुबई और दोहा के ऊपर भी धमाके सुनाई दिए. अमेरिका ने तीन अपने सैनिकों की मौत की पुष्टि की. अब पूरे मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा मंडरा रहा है.