नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले ही अमेरिका की विदेश नीति को लेकर साफ कर चुके हैं कि यह आमतौर पर इस तरह खुलेआम नहीं चलाई जाती, जैसी डोनाल्ड ट्रंप करते हैं. हाल के घटनाक्रमों ने एस.जयशंकर की इस टिप्पणी को पूरी तरह सही साबित कर दिया है. बीते कुछ दिनों में भारत को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी ही सरकार के बयानों में साफ विरोधाभास देखने को मिला है, जिससे अमेरिका की विदेश नीति पर सवाल खड़े हो गए हैं.
6 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सार्वजनिक मंच से दावा किया कि भारत पर कड़े टैरिफ लगाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन किया. ट्रंप के मुताबिक, पीएम मोदी ने बेहद सम्मानजनक तरीके से बात की और यहां तक कहा, 'सर, क्या मैं आ सकता हूं?' ट्रंप इस बयान के जरिए यह दिखाना चाहते थे कि उनकी टैरिफ नीति असरदार है और बड़े-बड़े नेता उनके दबाव में आकर समझौता करने को तैयार हैं.
लेकिन ट्रंप के इस दावे को उनकी ही सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तीन दिन के भीतर झुठला दिया. 9 जनवरी को अमेरिका के वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक ने एक पॉडकास्ट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को कोई फोन नहीं किया. लुटनिक के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच एक बड़ा व्यापार समझौता लगभग तय था, लेकिन वह इसलिए रुक गया क्योंकि भारत ने ट्रंप को “क्लोजर कॉल” करने से इनकार कर दिया.
लुटनिक ने साफ कहा कि ट्रंप प्रशासन पहले आओ, पहले पाओ की नीति पर काम कर रहा है. जो देश जल्दी समझौता करेगा, उसे बेहतर डील मिलेगीऔर जो देर करेगा, उस पर ज्यादा टैरिफ लगेगा. उन्होंने यह भी कहा कि भारत की जगह अब अमेरिका इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों के साथ आगे बढ़ गया है.
इस पूरे मामले से साफ होता है कि ट्रंप सार्वजनिक मंचों पर निजी रिश्तों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं, जबकि उनकी सरकार के अधिकारी शुद्ध व्यावसायिक और दबाव वाली नीति अपनाते हैं. भारत इस दबाव में झुकने को तैयार नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, भारत ने साफ कर दिया है कि वह किसी धमकी या दबाव में कोई व्यापार समझौता नहीं करेगा, खासकर तब जब रूस से संबंधों को लेकर चेतावनी दी जा रही हो.
इन विरोधाभासी बयानों ने भारत को सतर्क कर दिया है. अब संकेत मिल रहे हैं कि भारत अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय चीन सहित अन्य देशों के साथ अपने कूटनीतिक और व्यापारिक विकल्पों को संतुलित करने की रणनीति पर काम कर सकता है.