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India Daily

नासा 25 साल में पहली बार ISS क्रू को समय से पहले लाएगा वापस, एस्ट्रोनॉट की तबीयत बिगड़ने के कारण लिया गया फैसला

नासा ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मेडिकल इमरजेंसी के बाद क्रू-11 के चार अंतरिक्ष यात्रियों को समय से पहले पृथ्वी पर वापस लाने का फैसला किया है, जिससे मिशन की प्राथमिकता स्वास्थ्य बन गई है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
नासा 25 साल में पहली बार ISS क्रू को समय से पहले लाएगा वापस, एस्ट्रोनॉट की तबीयत बिगड़ने के कारण लिया गया फैसला
Courtesy: grok

नई दिल्ली: अंतरिक्ष में जीवन जितना रोमांचक दिखता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी होता है. 400 किलोमीटर ऊपर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर हर फैसला विज्ञान और सुरक्षा के बीच संतुलन का होता है. इसी संतुलन को प्राथमिकता देते हुए नासा ने क्रू-11 मिशन से जुड़े चार अंतरिक्ष यात्रियों को समय से पहले पृथ्वी पर वापस लाने का निर्णय लिया है. यह फैसला एक मेडिकल इमरजेंसी के बाद लिया गया, जिसके चलते तय स्पेसवॉक को भी अनिश्चित समय के लिए टाल दिया गया.

मेडिकल इमरजेंसी से बदला मिशन प्लान

बुधवार दोपहर अंतरिक्ष स्टेशन पर एक क्रू सदस्य की तबीयत को लेकर चिंता सामने आई. हालांकि स्थिति गंभीर नहीं बताई गई, लेकिन नासा ने एहतियातन अंतरिक्ष यात्री के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. इसी कारण 8 जनवरी 2026 को प्रस्तावित स्पेसवॉक को तत्काल स्थगित कर दिया गया. एजेंसी का कहना है कि पृथ्वी पर लौटकर बेहतर जांच और इलाज संभव हो पाएगा.

स्पेसवॉक क्यों हुआ स्थगित

यूएस ईवीए-94 नाम का यह स्पेसवॉक गुरुवार सुबह होना था, जिसमें माइक फिन्के और जेना कार्डमैन को सोलर एरे और पावर सिस्टम अपग्रेड करने थे. फिन्के अनुभवी अंतरिक्ष यात्री हैं, जबकि कार्डमैन का यह पहला स्पेसवॉक होने वाला था. महीनों की तैयारी के बावजूद अचानक आए मेडिकल अलर्ट ने सभी तैयारियों को रोक दिया.

क्रू-11 मिशन और अंतरराष्ट्रीय टीम

क्रू-11 मिशन में अमेरिका, जापान और रूस के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो माइक्रोग्रैविटी, जैविक प्रयोग और नई तकनीकों पर शोध कर रहे हैं. मेडिकल समस्या से जुड़े अंतरिक्ष यात्री की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, जो नासा की स्वास्थ्य गोपनीयता नीति के अनुरूप है. मिशन की अवधि अब पहले से कम हो सकती है.

अंतरिक्ष में स्वास्थ्य जोखिम

माइक्रोग्रैविटी में शरीर पर कई तरह के प्रभाव पड़ते हैं, जैसे हड्डियों का कमजोर होना, रक्त प्रवाह में बदलाव और नसों से जुड़ी समस्याएं. अंतरिक्ष यात्रियों को मेडिकल किट और ग्राउंड कंट्रोल से टेलीमेडिसिन की सुविधा मिलती है, लेकिन कई मामलों में पृथ्वी पर वापसी ही सबसे सुरक्षित विकल्प होती है. पहले भी ऐसे उदाहरण सामने आ चुके हैं.

भविष्य और नासा की प्राथमिकता

नासा ने साफ किया है कि अगले 24 घंटों में वापसी की समय-सीमा और आगे की योजनाओं पर अपडेट दिया जाएगा. जनवरी 15 को प्रस्तावित अगला स्पेसवॉक भी समीक्षा के दायरे में है. यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अंतरिक्ष मिशनों में मानव जीवन सर्वोपरि है और विज्ञान तभी आगे बढ़ता है जब सुरक्षा से समझौता न हो.