menu-icon
India Daily

अमेरिका ने अपने ही अधिकारी को नहीं दी वेनेजुएला पर हमले की जानकारी? DNI के पद पर उठने लगे सवाल

वेनेजुएला पर हुए अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बारे में नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गैबार्ड को जानकारी नहीं थी. कुछ रिपोर्ट का कहना है कि ट्रंप ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्हें संदेह था कि वह उनके खिलाफ ना चली जाए.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
अमेरिका ने अपने ही अधिकारी को नहीं दी वेनेजुएला पर हमले की जानकारी? DNI के पद पर उठने लगे सवाल
Courtesy: X (@Maga_Trigger, @POTUSupporters)

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर रातों-रात हमला कर दिया. इस ऑपरेशन की गोपनीयता को हम इस बात से समझ सकते हैं कि इस हमले की जानकारी खुद अमेरिकी नेता को नहीं थी. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस ने नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गैबार्ड को 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' ऑपरेशन से जुडी प्लानिंग से अलग रखा.

डोनाल्ड ट्रंप ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि उन्हें इस बात पर शक था कि वह इसका समर्थन नहीं करेंगी. क्योंकि उन्होंने वेनेजुएला में मिलिट्री दखल के प्रति पहले भी विरोध जताया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक गैबार्ड को कई महत्वपूर्ण मीटिंग्स से बाहर रखने का फैसला लिया गया था. 

अमेरिकी ऑपरेशन से DNI को क्यों रखा गया दूर?

नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गैबार्ड को 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' से अलग रखा जा रहा है इस बात की जानकारी सबको थी. यहां तक की व्हाइट हाउस के कुछ सदस्य गैबार्ड के पद, DNI, का मतलब डू नॉट इनवाइट कहकर बजाक बनाते थे. हालांकि यह बात इतनी गंभीर नहीं है लेकिन यह ट्रंप के करीबी लोगों में गैबार्ड के प्रति तिरस्कार को दिखाता है. हालांकि व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस बात को मानने से पूरी तरह से इनकार कर दिया है. कांग्रेस की डेमोक्रेटिक सदस्य गैबार्ड ने 2019 में कहा था कि अमेरिका को वेनेजुएला से दूर रहना चाहिए. इतना ही नहीं उन्होंने पिछले महीने युद्ध को भड़काने वालों की आलोचना की थी और कहा था कि ऐसे लोग देश को विदेशी संघर्षों की ओर धकेल रहे हैं. 

DNI के पद पर उठ रहा सवाल?

डोनाल्ड ट्रंप के इस एक्शन ने पूरी दुनिया में तहलका तो मचाया ही है लेकिन इसका असर खुद अपने देश में भी देखने को मिल रहा है. वहीं तुलसी को इस ऑपरेशन में शामिल ना करने पर भी सवाल उठ रहे हैं. लोगों में DNI की भूमिका के बारे में भी संदेह फिर से जगा दिया है. कुछ सलाहकारों ने कहा है कि 11 सितंबर के हमलों के बाद इंटेलिजेंस कम्युनिटी में बेहतर तालमेल के लिए बनाया गया यह पद पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए.

डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों एडमिनिस्ट्रेशन के पूर्व अधिकारियों ने कहा कि DNI को ऐसी प्लानिंग से बाहर रखना बहुत असामान्य था. नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर के तौर पर, गैबार्ड को राष्ट्रपति के मुख्य इंटेलिजेंस सलाहकार के रूप में काम करना होता है, जो सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी सहित देश की 18 इंटेलिजेंस एजेंसियों की देखरेख करती हैं.