मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और पाकिस्तान की सीमा पर तेल तस्करी का बड़ा नेटवर्क फिर सक्रिय हो गया है. अमेरिकी प्रतिबंधों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते संकट के बावजूद ईरानी ईंधन लगातार पाकिस्तान पहुंच रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, हर दिन करीब 60 लाख लीटर पेट्रोल और डीजल गैरकानूनी रास्तों से पाकिस्तान भेजा जा रहा है. तस्करी के लिए अब मोटरसाइकिलों से लेकर छोटे ट्रकों और नावों तक का इस्तेमाल किया जा रहा है.
ईरान और पाकिस्तान के बीच करीब 900 किलोमीटर लंबी सीमा है. यहां पर निगरानी बेहद कमजोर है. इन्हीं रास्तों का फायदा उठाकर तस्कर पेट्रोल और डीजल पाकिस्तान पहुंचा रहे हैं. बताया जा रहा है कि ईंधन को पहले बड़े कंटेनरों में सीमा तक लाया जाता है. फिर छोटे-छोटे कनस्तरों में भरकर पिकअप ट्रकों और मोटरसाइकिलों के जरिए आगे भेजा जाता है. बलूचिस्तान में यह सबसे ज्यादा देखा जा रहा है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तवैश्विक तेल सप्लाई रूकने के बाद ईंधन की मांग अचानक बढ़ गई. पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक दबाव और महंगे पेट्रोल-डीजल की समस्या झेल रहा है. ऐसे में सस्ता ईरानी ईंधन लोगों और कारोबारियों के लिए राहत बन गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च के बाद से पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में तेजी आई है. इसके चलते तस्करी वाले तेल की मांग भी बढ़ गई.
सीमावर्ती इलाकों में छोटे ट्रकों के अलावा मोटरसाइकिलों पर भी कई-कई कनस्तर लादकर तेल पहुंचाया जा रहा है. एक पिकअप वाहन में करीब 1,800 लीटर तक ईंधन ले जाया जा सकता है. वहीं समुद्री रास्तों का भी इस्तेमाल हो रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईंधन को नावों के जरिए पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट तक पहुंचाया जाता है.