अमेरिका की ओर से बार- बार दी जा रही धमकियों के बाद भी ईरान झुकने का तैयार नहीं है, इसका सबसे बड़ा कारण ईरान के नागरिकों की सिर झुकाने के बजाय लड़ते हुए सिर कटाने की इच्छा शक्ति को माना जा रहा है. जानकारों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल की परख इसी मामले में मार खा गई. दरअसल अमेरिका और इजरायल का मानना था कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान तुरंत सरेंडर कर देगा, लेकिन ढाई माह से अधिक समय गुजर जाने और तमाम हमलों के बाद भी ईरान झुकने को तैयार नहीं है. बल्कि वहां के नागरिक, यहां तक कि महिलाएं भी आत्मरक्षा के लिए तैयारी में जुटी हैं.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि ये वीडियो ईरान का हे. वीडियो में महिलाओं को हथियार चलाने और सैन्य प्रशिक्षण लेते हुए देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और संभावित जमीनी युद्ध की आशंका के बीच ईरान अपने नागरिकों को भी हथियारों की ट्रेनिंग दे रहा है. बताया जा रहा है कि ईरान जमीनी हमले की आशंका के चलते खासकर महिलाओं को आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार कर रहा है.
ये वीडियो ईरान में महिलाओं को दी जा रही हथियारों की ट्रेनिंग का बताया गया है। बताया जा रहा है कि अमेरिका से युद्ध के मद्देनज़र नागरिकों को भी हथियार प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि किसी ज़मीनी हमले की सूरत में वे भी लोहा ले सकें pic.twitter.com/wbEax0eYFv
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) May 18, 2026
वीडियो में कई महिलाएं हथियारों के साथ अभ्यास करती दिखाई दे रही हैं. कुछ क्लिप्स में महिलाओं को फायरिंग रेंज पर निशाना लगाते हुए और सैन्य अधिकारियों से निर्देश प्राप्त करते हुए देखा जा सकता है. हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण इस तरह के दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है. माना जा रहा है ईरान सिविल डिफेंस की रणनीति पर मजबूती से काम कर रहा है ताकि समुद्री मार्गों पर खतरे और सैन्य गतिविधियों के बीच जमीनी युद्ध होने की स्थिति में नागरिक अपनी सुरक्षा के साथ ही दुश्मन का मुकाबला भी कर सकें.