मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान में एक अनोखी सामाजिक मुहिम तेजी से फैल रही है. जनफदा नाम से चल रहे इस अभियान में युवा युद्ध पर जाने से पहले शादी के बंधन में बंध रहे हैं और देश के लिए जान कुर्बान करने का संकल्प ले रहे हैं. मार्च 2026 में शुरू हुई यह मुहिम अब राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बन चुकी है. सरकार समर्थित रैलियों, धार्मिक कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पोस्ट्स में नवविवाहित जोड़े खुलकर हिस्सा लेते दिखाई दे रहे हैं.
जनफदा शब्द का अर्थ है जान न्योछावर करने वाला. ईरान में इसे सिर्फ एक अभियान नहीं, धार्मिक और सामाजिक प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है. उन युवाओं के बीच यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जो खुद को देश की रक्षा के लिए तैयार बताना चाहते हैं. इस परंपरा की जड़ें 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध तक जाती हैं. उस समय मोर्चे पर जाने वाले युवाओं की जल्दबाजी में शादियां कराई जाती थी. माना जाता था कि युद्ध से पहले परिवार बसाना सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से शुभ होता है. अब वही सोच नए दौर में फिर से उभरती दिखाई दे रही है.
ईरान की राजधानी तेहरान में इन दिनों दूल्हा-दुल्हन शादी के बाद सीधे सरकारी समर्थन वाली रैलियों में शामिल हो रहे हैं. कुछ जोड़े सैन्य वाहनों को फूलों और शहीदों की तस्वीरों से सजाकर जुलूस निकालते दिखे. एंगेलाब स्क्वायर और पलेस्टाइन स्क्वायर जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में नवविवाहित युवा दिखाई दिए. कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं. इन्हें ‘जौज-ए-जानफिदा’ यानी ‘बलिदान के लिए समर्पित जोड़े’ कहा जा रहा है.
तेहरान में सोमवार रात एक बड़े सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जा रहा है. इसमें करीब 1000 जोड़े हिस्सा लेने वाले हैं. यह कार्यक्रम इमाम हुसैन स्क्वायर से आजादी स्क्वायर तक निकाले जाने वाले विशेष कारवां के साथ होगा. सरकारी मीडिया नेटवर्क इस आयोजन को प्रमुखता से दिखा रहा है.