नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब नए स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. शुक्रवार को ईरान ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने बुशहर प्रांत के जाम क्षेत्र में एक शत्रुतापूर्ण अमेरिकी विमान को निशाना बनाकर गिरा दिया. इस दावे के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई.
दूसरी तरफ अमेरिका ने तुरंत इस दावे को खारिज कर दिया. अमेरिकी केंद्रीय कमान CENTCOM ने साफ कहा कि कोई भी अमेरिकी विमान नष्ट नहीं हुआ है और सभी हवाई संपत्तियां सुरक्षित हैं. इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच जारी तनाव और गहरा गया है.
CENTCOM ने X पर एक पोस्ट में इन दावों को खारिज करते हुए कहा, 'कोई भी अमेरिकी विमान नहीं गिराया गया. सभी अमेरिकी हवाई संपत्तियों का हिसाब रखा गया है.'
🚫CLAIM: Iran's state TV claimed Iranian forces downed a U.S. aircraft near Bushehr. FALSE.
✅TRUTH: No U.S. aircraft were shot down. All U.S. air assets are accounted for. pic.twitter.com/2EaKJ2Fj3d— U.S. Central Command (@CENTCOM) May 28, 2026Also Read
अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को ट्रंप की मंजूरी का इंतजार है. खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ये रिपोर्टें सामने आईं, हालांकि इस बात के संकेत मिल रहे थे कि अमेरिका और ईरान युद्धविराम को बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
खबरों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तीन महीने से चल रहे संघर्ष में 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने पर प्रारंभिक सहमति बन गई है और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू हो गई है. एपी द्वारा उद्धृत बातचीत से परिचित एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मंजूरी आवश्यक है.
खबरों के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था को अभी तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी नहीं मिली थी, जबकि ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है.
ये ताजा दावे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास संचालित चार जहाजों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने के कुछ ही घंटों बाद आए हैं, जिनमें कथित तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़े जहाज भी शामिल हैं.
कुवैत ने गुरुवार को संदिग्ध मिसाइल और ड्रोन हमले की सूचना दी, जिससे ईरान के साथ चल रहे युद्ध में नाजुक संघर्ष विराम पर नए सिरे से दबाव पड़ने के समय तनाव और बढ़ गया है. यह घोषणा अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर नए हमले शुरू करने के कुछ ही समय बाद हुई, जिसके जवाब में तेहरान ने भी जवाबी कार्रवाई की. कुवैत की सेना ने घटना की पुष्टि की, लेकिन यह खुलासा नहीं किया कि किस पर हमला हुआ या इसके लिए कौन जिम्मेदार था.
कुवैत की सेना द्वारा यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व में युद्धविराम और तेहरान और वाशिंगटन के बीच चल रही बातचीत को लेकर तनाव बना हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप अभी तक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोला जा सका है.
इस बीच, अमेरिका ईरान को अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि इस्लामिक गणराज्य अपनी चरमराई हुई अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और जमे हुए परिसंपत्तियों को जारी करने की मांग कर रहा है.