ईरान के समुद्री क्षेत्र में शुक्रवार को एक LPG टैंकर पर हुए हमले ने पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. मोजाम्बिक के झंडे वाले LPG टैंकर 'दिशा' (DISHA) को निशाना बनाया गया, जिस पर कुल 28 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे. घटना के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर तत्काल सक्रियता दिखाई गई और राहत की बात यह रही कि सभी भारतीय सुरक्षित बताए गए हैं.
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि उसे हमले की सूचना मिल चुकी है. दूतावास के अनुसार, जहाज पर मौजूद सभी 28 भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित हैं. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन और संबंधित समुद्री अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है, ताकि हालात पर करीबी नजर रखी जा सके.
The Embassy of India in Tehran is aware that the Mozambique- flagged LPG tanker DISHA (IMO No. 8818219) came under attack in Iranian territorial waters earlier today. The vessel has 28 Indian crew members on board. The Embassy has been in close contact with the relevant… pic.twitter.com/zzKb2Uedcx
— IANS (@ians_india) July 24, 2026
भारतीय दूतावास के बयान के मुताबिक, मोजाम्बिक के ध्वज वाले LPG टैंकर 'दिशा' पर ईरान के समुद्री इलाके में हमला किया गया. फिलहाल हमले की प्रकृति, इसके पीछे जिम्मेदार समूह और जहाज को हुए संभावित नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रही हैं और जहाज के संचालन से जुड़े सभी पक्षों के संपर्क में हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) के बाद कुछ समय के लिए हालात सामान्य होते दिखे थे, लेकिन हालिया घटनाओं ने संकेत दिया है कि क्षेत्र में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. पश्चिम एशिया के रणनीतिक समुद्री मार्गों पर लगातार हमलों की घटनाएं वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी चुनौती बन रही हैं. विभिन्न इलाकों में अमेरिका, ईरान और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ती गतिविधियों ने समुद्री सुरक्षा को और संवेदनशील बना दिया है.
पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक समुद्री और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं. ऐसे में किसी भी जहाज पर भारतीय क्रू की मौजूदगी भारत के लिए विशेष महत्व रखती है. भारतीय दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. मौजूदा घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्रीय संघर्षों का असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और उन पर काम कर रहे नागरिकों की सुरक्षा पर सीधे पड़ रहा है.